चारधाम यात्रा: एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस ने किया बदरीनाथ कूच, पुलिस व कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की, गिरफ्तारी दी
Chardham Yatra 2021: जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से एनएसयूआई और यूथ कार्यकर्ता दोपहर में एक बजे बदरीनाथ कूच के तहत पांडुकेश्वर में पहुंचे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चारधाम यात्रा के संचालन की मांग को लेकर सोमवार को बदरीनाथ कूच कर रहे एनएसयूआई, यूथ कांग्रेस और जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं को पांडुकेश्वर में पुलिस बल ने रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी देने के साथ ही सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं व पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।
जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से एनएसयूआई और यूथ कार्यकर्ता दोपहर में एक बजे बदरीनाथ कूच के तहत पांडुकेश्वर में पहुंचे। यहां पहले से ही मौजूद पुलिस बल ने बैरिकेडिंग की हुई थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़कर बदरीनाथ धाम जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें आगे नहीं जाने दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर गिरफ्तारियां दी। हालांकि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को बिना शर्त रिहा कर दिया।
जिला कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता विकास जुगरान और एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष संदीप नेगी ने कहा कि सरकार ने चारधाम यात्रा को रोक कर गरीब व्यापारियों की रोजी रोटी छीन ली है। हक-हकूकधारियों को जीवन यापन करना मुश्किल हो गया है। यात्रा पड़ावों में सन्नाटा पसरा हुआ है।
कहा गया कि यात्रा को लेकर सरकार के तानाशाह रवैये से जनता में आक्रोश है। करीब तीन घंटे तक पांडुकेश्वर में प्रदर्शन करने के बाद कार्यकर्ता अपराह्न तीन बजे जोशीमठ लौट आए। प्रदर्शनकारियों में इस मौके पर यूथ कांग्रेस के बदरीनाथ विधानसभा अध्यक्ष योगेंद्र सिंह बिष्ट, नगर अध्यक्ष अरविंद नेगी, कमल रतूड़ी, हरीश भंडारी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सूर्य प्रकाश पुरोहित, विपिन फरस्वाण, सुमित, राहुल, विपिन रावत, शिवम, कुलदीप, गौरव चौहान आदि शामिल थे।
केदारनाथ में तीर्थपुरोहितों का क्रमिक अनशन जारी
केदारनाथ में देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थपुरोहितों का क्रमिक अनशन 27वें दिन भी जारी रहा। हल्की बारिश के बावजूद अनशन पर डटे आंदोलनकारियों का कहना है कि 30 अक्तूबर तक अगर शासन स्तर पर बोर्ड को भंग नहीं किया गया तो दोबारा उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने जमकर नारेबाजी भी की।
केदार सभा के महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती के नेतृत्व में तीर्थपुरेाहित रिमझिम बारिश के बीच अनशन पर रहे। उनका कहना था कि देवस्थानम बोर्ड को भंग कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उत्तराखंड सरकार जब तक मांगपूर्ति नहीं करती, वे आंदोलनरत हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट के बाद जिला मुख्यालय में होने वाले आंदोलन को 30 अक्तूबर तक स्थगित कर दिया गया है। सरकार ने देवस्थानम बोर्ड को भंग नहीं किया गया तो दोबारा एक नवंबर से आंदोलन तेज किया जाएगा। अनशन पर बैठने वालों में सौरभ शुक्ला, मनोज तिवारी, लक्ष्मी प्रसाद शुक्ला, रमाकांत शर्मा शामिल थे।