Char Dham Yatra 2022: विजयदशमी के दिन घोषित होगी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि
विजयदशमी के दिन बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित की जाएगी। बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल की ओर से भगवान की कुंडली देखकर कपाट बंद होने का दिन तय किया जाता है।
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बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि विजयदशमी को पंचांग गणना के अनुसार घोषित की जाएगी। बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने से पांच दिन पूर्व ही कपाट बंद होने की प्रक्रियाएं शुरू हो जाती हैं।
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बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि विजयदशमी के दिन बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने की तिथि घोषित की जाएगी। बदरीनाथ धाम के रावल ईश्वर प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल की ओर से भगवान की कुंडली देखकर कपाट बंद होने का दिन तय किया जाता है। इस मौके पर बदरीनाथ के हक-हकूकधारी गांवों के ग्रामीण भी मौजूद रहेंगे।
ठंड बढ़ने से निचले क्षेत्रों में आने लगे चरवाहे और भेड़-बकरियां
पहाड़ों में ठंड बढ़ने के साथ ही उच्च हिमालय क्षेत्रों में बर्फबारी से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड पड़नी शुरू हो गई है। ऐसे में उच्च हिमालय क्षेत्रों में चरान के लिए गई भेड़-बकरियां और चरवाहे निचले क्षेत्रों में पहुंचने लगे हैं।
ये चरवाहे अप्रैल माह में गरमी शुरू होते ही भारत-चीन सीमा क्षेत्रों में अपनी भेड़-बकरियों को चराने के लिए ले जाते हैं। नंदानगर के सितेल गांव निवासी भेड़ पालक कुंवर सिंह ने बताया कि हिमालय क्षेत्र में बर्फबारी से कड़ाके की ठंड पड़नी शुरू हो गई है जिसके चलते वे अपने भेड़-बकरियों को लेकर निचले क्षेत्रों में पहुंच गए हैं। कई अन्य भेड़ पालक भी अपनी भेड़ों को लेकर निचले क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं।