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CBSE स्कूलों की ‘नैक’ जैसी ग्रेडिंग, होगी अलग पहचान
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 11 Mar 2016 05:03 PM IST
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने सभी संबद्ध स्कूलों में अब अपना टारगेट बनाने की अनिवार्यता कर दी है।
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एजुकेशन एक्सीलेंसी के तहत हर स्कूल को अपना मिशन स्टेटमेंट बनाकर जून 2016 से पहले न केवल सीबीएसई को बताना होगा बल्कि स्कूल की वेबसाइट पर भी अपलोड करना होगा। मिशन के तहत ही स्कूल को अपने यहां एक्टीविटीज कराकर अलग पहचान बनानी होगी। बाद में सीबीएसई की ओर से डिग्री कॉलेजों की तर्ज पर स्कूलों की भी नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल (नैक) जैसी ग्रेडिंग कराई जाएगी।
सीबीएसई की अतिरिक्त निदेशक सुगंधा शर्मा की ओर से भेजी गई जानकारी में मिशन स्टेटमेंट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। यह ऐसा मकसद होगा, जिसके आधार पर स्कूल को वर्ष 2022 तक खुद को अलग राष्ट्रीय पहचान के तौर पर स्थापित करना होगा। सीबीएसई ने साफ कर दिया है कि स्कूलों को इस मिशन स्टेटमेंट में अपने उद्देश्य बताने होंगे।
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इसके बाद इसी हिसाब से उनके स्कूल की कार्यप्रणाली होगी, शिक्षक होंगे और छात्रों को तैयार किया जाएगा। इस मिशन स्टेटमेंट में स्कूल को अपनी वैल्यूज और छात्रों, शिक्षकों व अभिभावकों के हिसाब से वर्क कल्चर के बारे में भी जानकारी देनी होगी।
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इसे तैयार करने के बाद सीबीएसई को ईमेल के माध्यम से भेजने के साथ ही जून 2016 के पहले सप्ताह तक हर हाल में स्कूल की वेबसाइट के होम पेज पर अपलोड करना होगा। मोटे तौर पर देखें तो भविष्य में स्कूलों को नैक की तर्ज पर गुणवत्ता के मानकों पर खरा उतरना होगा।
यह होगा फायदा
सरकार एजुकेशन एक्सीलेंस पर काम कर रही है। इसी क्रम में सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि स्कूल एजुकेशन एक्सीलेंसी पर काम करें। स्कूल केवल छात्र को किताबी ज्ञान देने के बजाए व्यवहारिक ज्ञान दें।
इसके लिए एक मानक बनाया जाए और उसी हिसाब से खुद ग्रेडिंग करें। दून इंटरनेशनल स्कूल के उप प्राचार्य दिनेश बड़थ्वाल ने बताया कि हर स्कूल की राष्ट्रीय स्तर तक एक अलग पहचान होगी और इसके बाद स्कूलों की राष्ट्रीय स्तर पर ग्रेडिंग भी की जाएगी। आने वाले समय के लिहाज से यह अच्छा कदम है।