शहीदों के बच्चों को सीबीएसई ने बोर्ड एग्जाम में दी विशेष छूट, मिलेगा ये फायदा
- मर्जी से बदल सकते हैं अपना एग्जाम सेंटर, किसी भी विषय में बाद में दे सकते हैं परीक्षा
- बोर्ड ने पिछले साल पुलवामा के शहीदों के बच्चों को दी थी सुविधा
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शहीदों के बच्चों को 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में बड़ी राहत की घोषणा की है। बोर्ड ने पिछले साल पुलवामा हादसे के शहीदों के बच्चों को यह राहत दी थी, जिसे इस साल सभी शहीदों के बच्चों के लिए लागू किया गया है।
सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज की ओर से सभी स्कूलों को एक सर्कुलर जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि पिछले साल पुलवामा अटैक में शहीदों के बच्चों को बोर्ड परीक्षा में जिस तरह की राहत दी गई थी, उसी तरह की राहत इस साल आतंकवाद या नक्सलवाद के खिलाफ जांबाजी दिखाते हुए शहीद हुए लोगों के बच्चों को यह सुविधा दी जाएगी।
इसके लिए बच्चों को अपने स्कूल में संपर्क करना होगा। स्कूल के स्तर से संबंधित सीबीएसई के रीजनल ऑफिस को इसकी रिक्वेस्ट जाएगी। स्कूल से रीजनल सेंटर को रिक्वेस्ट भेजने की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय की गई है।
यह मिलेगी राहत
-शहीद का बच्चा अगर एक ही शहर में अपना परीक्षा केंद्र दूसरी जगह पर शिफ्ट करना चाहता है तो सीबीएसई से उसे यह सुविधा मिलेगी।
-शहीद के बच्चे अगर अपना परीक्षा केंद्र एक शहर से दूसरे शहर में बदलना चाहता है तो सीबीएसई से उसे यह सुविधा मिलेगी।
-अगर बच्चे 10वीं या 12वीं का प्रैक्टिकल नहीं दे पाए तो उन्हें दो अप्रैल तक अलग से प्रैक्टिकल एग्जाम में बैठने का मौका दिया जाएगा।
-अगर कोई बच्चा किसी भी विषय विशेष में बाद में परीक्षा देना चाहता है तो बोर्ड उसकी बाद में परीक्षा का इंतजाम करेगा।
सीबीएसई दून ने कराई थी गंगा की अलग परीक्षा
पुलवामा हमले के शहीद मोहनलाल रतूड़ी की बेटी गंगा को पिछले साल सीबीएसई देहरादून ने 12वीं परीक्षा में विशेष लाभ दिया था। गंगा ने बाद में अलग से परीक्षा दी थी। सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि बोर्ड ने इस बार पुलवामा के साथ ही सभी तरह की शहीदों के बच्चों के लिए यह सुविधा दी है।