CBSE 12th Result 2020: आईपीएस बनना चाहते हैं उत्तराखंड टॉपर सागर गर्ग, बताया कामयाबी का मूलमंत्र
- रेगुलर पढ़ाई करने से मिलती है सफलता : सागर
- सीबीएसई के स्टेट टॉपर सागर गर्ग से अमर उजाला की खास बातचीत
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सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। रोजाना पढ़ाई को समय देने से परीक्षा में किसी भी प्रकार का दबाव नहीं होता है। यह बात सीबीएसई की 12वीं कक्षा के स्टेट टॉपर सागर गर्ग ने अमर उजाला से बातचीत के दौरान कही।
सागर गर्ग ने 500 में से 498 नंबर हासिल किए। सागर के अंग्रेजी में 99, अकाउंट में 99, बिजनेस स्टडीज में 100, पेंटिंग में 100, इकोनॉमिक्स में 100 अंक आए हैं। सागर गर्ग ने रोजाना सात घंटे पढ़ाई की। परीक्षा के दिनों में इसमें दो घंटे का विस्तार किया।
स्टेट टॉपर सागर गर्ग आगे चलकर आईपीएस बनना चाहते हैं। बातचीत में सागर ने बताया कि यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी करेंगे। उन्हें वर्दी से प्यार है, वर्दी पहनकर वह पिछड़े वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कार्य करेंगे। परिवार में उनके दादा अशोक कुमार, दादी शशीबाला, माता सारिका और पिता अजय गर्ग हैं।
सागर बताते हैं कि पढ़ाई को लेकर उन्हें हमेशा परिवार का पूरा सपोर्ट मिला। खासतौर पर अपनी सफलता का श्रेय सागर प्रधानाचार्य शिव सहगल, क्लास टीचर ईला गैरोला और माता-पिता को देना चाहते हैं। इस मौके पर पारिवारिक सदस्य दीपक कुमार जाटव भी मौजूद रहे।
पापा और भाई की तरह इंजीनियर बनना चाहती है सलोनी
डीएसबी इंटरनेशनल स्कूल की मेधावी छात्रा सलोनी सिंह ने राज्य में सीबीएसई की 12वीं कक्षा में 10वां और जिले नौवां स्थान प्राप्त कर अपने माता-पिता और स्कूल का नाम रोशन किया है। सलोनी आगे चलकर पापा और बड़े भाई की तरह इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए सलोनी ने सितंबर में होने वाली जेई मैन्स की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है।
सलोनी ने पूर्णांक 500 में से 487 प्राप्तांक प्राप्त किए हैं। इसमें गणित में 100, फिजिक्स में 95, केमिस्ट्री में 100, इंगलिश में 99, फिजिकल एजूकेशन में 100 अंक प्राप्त किए हैं। सलोनी के पिता निर्भय सिंह पीडब्ल्यूडी में बतौर इंजीनियर कार्यरत हैं, जबकि माता सुमन सिंह हाउस वाइफ हैं।
सलोनी के बड़े भाई रोहन सिंह ने हाल ही में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है। सलोनी यहां गंगानगर में अपने परिवार के साथ रहती हैं। जबकि इन दिनों वह अपने पापा के पास दुगड्डा, कोटद्वार में हैं।
फोन पर हुई बातचीत में सलोनी ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के दौरान थोड़ा-थोड़ा ब्रेक लेकर विषयवार टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई की। परिवार और टीचर का हमेशा सकारात्म सहयोग मिला। सलोनी को बैडमिंटन खेलना पसंद है।