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UTU कुलपति-WIT निदेशक के बीच बढ़ी रार

Fri, 09 Sep 2016 02:38 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 09 Sep 2016 02:38 AM IST
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utu vs and WIT director against each other.
शिक्षिका के निकालने पर बढ़ी रार - फोटो : AmarUjala

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय के संघटक कॉलेज डब्ल्यूआईटी की शिक्षिका सुनीता चंदेल के छत पर चढ़ने के प्रकरण के साथ ही तकनीकी विवि के कुलपति और डब्ल्यूआईटी की डायरेक्टर के बीच रार बढ़ गई है। कुलपति का कहना है कि उन्होंने किसी को भी बाहर न निकालने का आदेश दिया है जबकि डब्ल्यूआईटी की निदेशक का कहना है कि कुलपति एक बार ही आदेश दे सकते हैं, बार-बार नहीं।

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शिक्षिका के आंदोलन स्वरूप छत पर चढ़ने के मामले पर तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. पीके गर्ग ने कहा कि उन्होंने जो समिति इंक्रीमेंट व कांट्रैक्ट रिनिवल के लिए बनाई थी, उस समिति की रिपोर्ट को रिव्यू करने के लिए दूसरी समिति का गठन किया गया है।
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उन्होंने बताया कि यह उनके अधिकार क्षेत्र में है कि वह विवि हित में क्या आदेश देते हैं। उन्होंने किसी भी कर्मचारी को डब्ल्यूआईटी से बाहर न निकालने का आदेश पांच सितंबर को ही कर दिया था तो निदेशक ने इसके बाद भी शिक्षिका सुनीता चंदेल को कैसे बाहर निकाला।

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'कुलपति कर रहे अपने अधिकारों का दुरुपयोग'

utu vs and WIT director against each other.
सुनीता चंदेल

दूसरी ओर, मामले में डब्ल्यूआईटी की निदेशक डॉ. अलकनंदा अशोक का कहना है कि नियुक्ति की प्रक्रिया के तहत खुद कुलपति ने ही समिति बुलाई थी। खुद विवि में होते हुए भी उन्होंने समिति की अध्यक्षता की जिम्मेदारी किसी और को दी थी। समिति ने ही शिक्षिका चंदेल के आवेदन पर कमेंट लिखा है।

अब अपनी ही बनाई हुई समिति को कुलपति दोबारा सवालों में लाते हुए रिव्यू कमेटी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुलपति अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर रहे हैं। वह बार-बार समिति बना रहे हैं, जब तक कि उनके मनमाफिक रिजल्ट न आ जाएं।

बता दें कि इससे पहले भी एक बार कुलपति-निदेशक आमने-सामने आ चुके हैं। उस वक्त तकनीकी विवि ने प्रतिनियुक्ति पर तैनात डा. अलकनंदा को विवि से रिलीव कर दिया था, लेकिन डॉ. अलकनंदा ने कहा था कि शासन के आदेशों पर वह निदेशक पद पर सेवाएं दे रही हैं। शासन अगर फैसला लेगा तो निश्चित तौर पर वह कॉलेज छोड़ देंगी।

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