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मजदूर महिला की बेटी बनी टॉपर, किस्सा सुनेंगे तो कहेंगे मां तुझे सलाम

Wed, 31 May 2017 09:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 31 May 2017 09:44 AM IST
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निशा पासी आज बेहद खुश है। राजकीय इंटर कालेज लक्खीबाग में 500 में 458 अंक हासिल कर वह स्कूल की सैकेंड टॉपर रही है। उसकी पक्की सहेली सुरुचि भट्ट टॉपर बनी है।

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पूर्वी पटेलनगर निवासी निशा को बचपन से ही गम, संघर्ष, पीड़ा, तनाव, दबाब घेरे रहे हैं। पिता स्व. बिंद्रा पासी टेलर थे। सड़क दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। तब वह बहुत छोटी थी। यह वर्ष 2006 की बात है।
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जब पति की मृत्यु हुई गीता देवी टूट गई थी। अंधकार के अलावा सामने कुछ था ही नहीं। लेकिन फिर स्वयं की प्रेरणा से चट्टानी संकल्प लिया।  गीता देवी बल्ब फैक्टरी में श्रमिक हैं। बमुश्किल पांच हजार रुपये पगार पाती हैं। उन्होंने ही निशा को हिम्मत और हौसला दिया।
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निशा ने भी हिमालयी साहस दिखाया। स्कूल की प्रिंसिपल नीलम जोशी व  शिक्षिकाओं ने आर्थिक सहयोग किया। मां ने घर संभाला और निशा किताबों की दुनिया में खो गई। प्रिंसिपल नीलम जोशी व शिक्षिकाएं सुरक्षा कवच बनी। सहेली सुरुचि भट्ट हमसाया। ट्यूशन का खर्चा शिक्षिकाएं उठाती हैं। 

आईएएस अध‌िकारी बनने का ल‌िया संकल्प

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निशा कहती है कि गरीबी और मुफलिसी और तकलीफें तो जैसे साथी बन गए हैं। लेकिन मां का जीवन उनकी प्रेरणा है। वह घर में पढ़ाई ही करती हैं। पढ़ाई के अलावा न कोई शौक और न ही कोई रुचि।

थोड़ा रुककर बोली कि वह हर हाल में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी बनना चाहती हैं। अंतिम लक्ष्य देश की गरीबी पर जोरदार हमला करना है। बोलते बोलते आंखे नम हो गई फिर आंसू पोंछते हुए बोली कि हमारे देश में गरीबों के लिए कोई सुरक्षा कवच ही नहीं है। 

टीवी, व्हाट्सऐप, ट्वीटर, फेसबुक से सौ फीसदी दूर। जहां घर है वहां शोरशराबा बहुत होता है। इसलिए सुबह तीन बजे उठकर पढ़ाई करती है। प्रैक्टिस करने वाले विषयों को शाम से देखती है। मां गीता देवी ही धरा पर भगवान स्वरूप हैं। प्रिंसिपल नीलम जोशी व शिक्षिकाएं प्रेरणा की केंद्र।

पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम आदर्श हैं। गीता देवी की आंखों में खुशी के आंसू हैं। बस उनका सपना है कि बेटा बेटी आईएएस अफसर बनें। छोटा भाई लक्ष्मण विद्यालय में कक्षा नौ का छात्र है। उसको पढ़ाने की जिम्मेदारी भी निशा पर ही है। अब निशा बीएससी की पढ़ाई करेगी।    

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