फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   uttarakhand board result 2017 government school poor performance

uttarakhand board result: सरकारी स्कूलों को झटका, बेहतर रिजल्ट देने में निकले फिसड्डी

Wed, 31 May 2017 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 31 May 2017 01:13 AM IST
विज्ञापन
uttarakhand board result 2017 government school poor performance

उत्तराखंड बोर्ड के रिजल्ट से सरकारी स्कूलों को फिर झटका लगा है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मेरिट सूची में सरस्वती विद्या मंदिर और अशासकीय स्कूलों के बच्चे छाए हुए हैं।

विज्ञापन


हाईस्कूल में टॉप 25 में 94 छात्र-छात्राओं की सूची में मात्र 10 सरकारी स्कूलों के बच्चे हैं। वहीं, इंटरमीडिएट में 86 में से भी मात्र 13 सरकारी स्कूलों के बच्चे मेरिट में स्थान बना पाए हैं। 
विज्ञापन


प्रदेश के कुल बजट का 25 फीसदी से अधिक हर साल सरकारी स्कूलों पर खर्च हो रहा है। इन स्कूलों के टीचर पूरे साल सुगम और अति सुगम स्कूलों में तबादलों के लिए जोर लगाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


शिक्षा मंत्री से मुख्यमंत्री तक सिफारिशें चलती हैं, लेकिन स्कूलों का बोर्ड परीक्षा परिणाम निराशाजनक है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की टॉप 25 की मेरिट लिस्ट में केवल सरस्वती विद्या मंदिर और अशासकीय स्कूलों के बच्चों का दबदबा है। 94 छात्रों की लिस्ट में 84 बच्चे अशासकीय स्कूलों के हैं।

इंटरमीडिएट में टॉप 25 की लिस्ट में भी अशासकीय स्कूल के बच्चों का परचम है। मेरिट में प्रदेश भर में केवल 13 सरकारी स्कूलों के छात्र जगह बना पाए हैं। वहीं, अशासकीय स्कूलों के 73 बच्चों ने मेरिट में स्थान बनाया है। 

सरकारी स्कूलों के टीचरों से बच्चों को पढ़ाने के अलावा पशु गणना, जनगणना, बीएलओ ड्यूटी आदि गैर शैक्षणिक कार्य कराए जा रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इन टीचरों से गैर शैक्षणिक कार्य नहीं करवाने चाहिए। 

-डॉ. सोहन सिंह माजिला, प्रदेश महामंत्री, राजकीय शिक्षक संघ 

अशासकीय स्कूलों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, इसके बावजूद इन स्कूलों का प्रदेश भर में बेहतर प्रदर्शन रहा है। इन स्कूलों ने हमेशा की तरह इस साल भी प्रदेश को टॉपर दिए हैं। सरकार इन स्कूलों की ओर ध्यान दे तो और अच्छे परिणाम सामने आ सकते हैं।
-अनिल नौटियाल, जिला मंत्री उत्तराखंड माध्यमिक शिक्षक संघ    

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed