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खुशखबरी: यूओयू की पढ़ाई सस्ती, 50 फीसदी कम हुई फीस
नवीन सक्सेना, अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:51 PM IST
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जहां एक ओर उच्चशिक्षा विभाग ने राजकीय महाविद्यालयों में विविध शुल्क में बढ़ोतरी कर उच्चशिक्षा को महंगा किया है वहीं, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने एक बड़ा फैसला लेते हुए विश्वविद्यालय से पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए 50 फीसदी तक फीस कम कर दी है।
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बीएससी के विद्यार्थियों को तीन वर्ष में 24 हजार फीस अदा करनी होती थी, अब केवल 12 हजार देनी होगी। इसी तरह एमएससी करने के लिए विद्यार्थी को दो वर्ष की जो फीस 30 हजार रुपये चुकानी होती थी, अब 16000 ही में एमएससी की पढ़ाई पूरी हो जाएगी।
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पत्रकारिता के प्रति भी विद्यार्थियों में रुझान बढ़ाने को एमए एमएजेएमसी पाठ्यक्रम की फीस में प्रति सेमेस्टर 4000 रुपये से घटाकर 2500 रुपये किया है। विश्वविद्यालय के इस फैसले को कार्य परिषद ने हरी झंडी दे दी है। फीस की नई दरें जुलाई से नए शिक्षा सत्र से लागू होंगी। बता दें कि मुक्त विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थी को किताबें भी दी जाती हैं।
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संशोधित शुल्क
पाठ्यक्रम प्रति वर्ष फीस अब
बीएससी (जेडबीसी) 8000 4000
बीएससी (पीसीएम) 8000 4000
एमएससी 15000 8000
एमए (एमएजेएमसी) 4000 प्रति सेमेस्टर 2500
पीजीडीबीजे 4000 प्रति सेमेस्टर 2500
सीएमएम 3000 छह माह कोर्स 2000
कंप्यूटर साइंस एवं आईटी 3500 प्रति सेमेस्टर 2000
सर्टिफिकेट ऑफ ई-गवर्नेंस एंड साइबर सिक्योरिटी 5000 2500
योगा की फीस में पांच सौ की बढ़ोत्तरी
विश्वविद्यालय ने एमए योगा की फीस में प्रति वर्ष 500 की बढ़ोत्तरी की है। अब विद्यार्थियों को हर साल 8000 के स्थान पर 8500 कर दिया गया है। कुलसचिव प्रो. आरसी मिश्रा ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में कार्यशाला आदि अधिक होती हैं इसलिए एमए योगा की फीस का पुनरीक्षण कर इसमें आंशिक बढ़ोतरी की गई है।
पर्वतीय दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को उच्चशिक्षा का लाभ मिल सके, इस उद्देश्य से पाठ्यक्रमों की फीस कम की गई है। पढ़ाई के लिए पहाड़ से पलायन रोकने में भी यह कदम काफी कारगर होगा। विश्वविद्यालय का पूरा प्रयास है कि ग्रामीण क्षेत्रों तक उच्चशिक्षा का प्रसार हो, इस संकल्प के तहत ही तीन वर्षों में किसी पाठ्यक्रम की फीस नहीं बढ़ाई।
- प्रो. नागेश्वर राव, कुलपति यूओयू