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इस बार सीबीएसई एग्जाम में संस्कृत के केवल तीन छात्र
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 11 Feb 2017 08:53 PM IST
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- फोटो : cbse
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में संस्कृत में एग्जाम देने वालों की संख्या बेहद कम है।
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इस बार बोर्ड एग्जाम में केवल तीन छात्र सीबीएसई देहरादून रीजन में संस्कृत की परीक्षा देंगे। हालांकि अंग्रेजी का जलवा बरकरार है। सरकार ने संस्कृत को बढ़ावा देने की तमाम कवायदें कीं। केंद्रीय विद्यालयों में खासतौर से संस्कृत लागू की गई। बावजूद इसके संस्कृत का कोई रुझान छात्रों में नजर नहीं आ रहा है।
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सीबीएसई देहरादून कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार 12वीं की बोर्ड परीक्षा देने जा रहे छात्रों में से सर्वाधिक 1,05,000 छात्र-छात्राएं अंग्रेजी में एग्जाम देंगे। 12वीं में संस्कृत कोर विषय में केवल तीन छात्र ही परीक्षा देंगे, जबकि संस्कृत इलेक्टिव में 11 छात्र शामिल होंगे। कई और विषयों में छात्रों का रुझान कम है।
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12वीं में इंश्योरेंस में पूरे रीजन में केवल 11 छात्र, जर्मन भाषा में केवल 5 छात्र और फ्रेंच भाषा में केवल 6 छात्र परीक्षा देंगे। इसी प्रकार, 10वीं में बुक कीपिंग एंड अकाउंटेंसी में केवल एक छात्र पूरे देहरादून रीजन में परीक्षा देगा, जबकि म्यूजिक में केवल चार छात्र ही एग्जाम देंगे।
भविष्य की वजह से नहीं रुझान
शिक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक संस्कृत में छात्र अपना भविष्य नहीं देख पाते। अंग्रेजी के मुकाबले संस्कृत कहीं से भी न तो राष्ट्रीय और न ही वैश्विक स्तर पर रोजगारपरक मानी जाती है। शिक्षा विशेषज्ञ प्रो. वीए बौड़ाई के मुताबिक अंग्रेजी आज छात्रों के लिए अनिवार्य सब्जेक्ट बन गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह संस्कृत को कम सम्मान और वैश्वीकरण से अंग्रेजी के प्रोत्साहन को माना जा सकता है।