छात्रसंघ चुनाव: MKP में दस छात्राओं के नामांकन रद्द, मचा हंगामा
एमकेपी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनावों की नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सूची जारी हुई तो हंगामा हो गया। नामांकन करने वाली 28 छात्राओं में से दस के नामांकन रद्द कर दिए गए। इसके पीछे उनकी आयु या सेमेस्टर सिस्टम के नियमों के हिसाब से कम क्रेडिट प्वाइंट रही। इस पर नामांकन रद्द का शिकार होने वाली छात्राओं ने जमकर हंगामा भी किया, जिसके बाद मामला ग्रीवांस कमेटी के पास चला गया है। शनिवार को मामले पर ग्रीवांस कमेटी अपना फैसला लेगी।
एमकेपी में 24 अगस्त को छात्रसंघ चुनावों के लिए 28 छात्राओं ने विभिन्न पदों पर नामांकन जमा कराए थे। इनके नामांकनों की जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद 10 छात्राओं के नामांकन रद्द कर दिए। इसमें विकास ग्रुप और एनएसयूआई के प्रत्याशी भी शामिल हैं।
जैसे ही यह सूची कॉलेज की चुनाव समिति ने नोटिस बोर्ड पर चस्पा की तो छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया। उनके समर्थन में आए कुछ छात्र नेताओं ने विरोध स्वरूप नोटिस बोर्ड से सूची फाड़ दी। छात्राओं ने कॉलेज में हॉल में बैठी चुनाव समिति को घेर लिया। एबीवीपी की ओर से भी छात्र नेता सामने आ गए। कई बार छात्राओं के बीच हाथापाई होते-होते बची।
एनएसयूआई और विकास ग्रुप हुए अध्यक्षी की रेस से बाहर
नामांकन रद्द की सूची में एनएसयूआई की अध्यक्ष पद प्रत्याशी कविता और विकास ग्रुप की अध्यक्ष पद प्रत्याशी पूजा राठौर के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी नसरीन अंसारी का नाम भी शामिल है।
शाम को करीब साढ़े छह बजे कॉलेज में ग्रीवांस कमेटी को बुलाया गया। प्राचार्य डा. इंदु सिंह के सामने ग्रीवांस कमेटी को छात्राओं ने चार अलग-अलग शिकायतें सौंपी हैं। प्राचार्य ने छात्राओं को आश्वासन दिया है कि सभी शिकायतों की लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत जांच होने के बाद निष्पक्ष फैसला सुनाया जाएगा। इसके बाद हंगामा करने वाली छात्राएं लौट गईं। हंगामा करने वालों में विकास ग्रुप की नेता खुश्बू रतूड़ी, एनएसयूआई की नेता स्वाती नेगी समेत कई नेता शामिल रहे।
इनका नामांकन हुआ रद्द
अध्यक्ष : पूजा राठौर, कविता, नसरीन।
सचिव : आकांक्षा, शिवा।
सहसचिव : ज्योति।
कोषाध्यक्ष : रिचा।
विवि प्रतिनिधि : शिवानी।
कार्यकारिणी सदस्य : महिमा, आरती लोधी।
नामांकन रद्द होते ही एबीवीपी को दो पदों पर कामयाबी हासिल हो गई। सचिव पद पर आरती भंडारी और सहसचिव पद पर एबीवीपी की जैसमीन कौर निर्विरोध निर्वाचित हो गईं। इसकी खुशी में छात्राओं ने एक दूसरे को मिठाईयां खिलाकर और गले लगाकर बधाई दी। हालांकि इस वजह से भी कॉलेज में नामांकन रद्द से प्रभावित छात्राओं ने हंगामा किया।
अब 16 प्रत्याशी मैदान में
अध्यक्ष : पूजा चौहान (सीवाईएसएस), साक्षी शंकर (एबीवीपी)
उपाध्यक्ष : रक्षा चौकियाल (सीवाईएसएस), सोफिया धीर (विकास ग्रुप) और मीनाक्षी (एबीवीपी)।
कोषाध्यक्ष : वृद्धि विजय (एबीवीपी), प्रियांजली भल्ला (सीवाईएसएफ)।
विवि प्रतिनिधि : ईशा खंडूर ी(सीवाईएसएफ), वैशाली यादव(एबीवीपी)
कार्यकारिणी सदस्य : सोनिया गौतम, फरहाना परवीन, वर्षा मथुरिया, खुशनुमा खान, प्रतिभा, तबस्सुम जहां और ज्योति गौड़।
किसने क्या शिकायत की
कॉलेज में नामांकन मिलने की अंतिम तिथि 22 अगस्त थी। एक प्रत्याशी वैशाली यादव, जिसका प्रवेश एमए में होना था, जिसकी मेरिट 23 अगस्त को जारी हुई। उस प्रत्याशी को 22 अगस्त को ही नामांकन पत्र किस आधार पर दे दिया गया।
-शिवानी चमोली, विवि प्रतिनिधि से बाहर हुई छात्रा
कॉलेज की नामांकन रद्द करने की प्रक्रिया से हम संतुष्ट नहीं हैं। हमारी मांग है कि इस चुनाव प्रक्रिया को रद्द कर दोबारा चुनाव प्रक्रिया शुरू की जाए। साथ ही दूसरे संगठनों के जिन प्रत्याशियों के नामांकन सही पाए गए हैं, उनकी सेमेस्टर एग्जाम मार्कशीट और 10वीं की मार्कशीट उपलब्ध कराई जाए।
-कविता, अध्यक्ष पद से बाहर हुई छात्रा
मैने अध्यक्ष पद के लिए नामांकन किया था। मैं बीए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा हूं। चुनाव समिति ने मेरा नामांकन रद्द कर दिया, जिसके पीछे क्रेडिट प्वाइंट कम होना बताया गया है। कृपया मुझे इस बात का पूरा प्रूफ उपलब्ध कराएं, जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया है।
-पूजा राठौर, अध्यक्ष पद से बाहर हुई छात्रा
हमारी चुनाव समिति ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत सभी नामांकनों की बारीकी से जांच करने के बाद अंतिम सूची जारी की है। हम अपने फैसले पर अडिग हैं। अगर ग्रीवांस कमेटी इसमें जांच और सुनवाई के बाद कोई बदलाव करेगी तो हमें मान्य होगा।
-डॉ. गीता बलोदी, मुख्य चुनाव अधिकारी, एमकेपी पीजी कॉलेज
नामांकन पत्र बिक्री की अंतिम तिथि 22 अगस्त थी, जबकि विवि प्रतिनिधि पर एक प्रत्याशी के एडमिशन को सूची 23 अगस्त को जारी हुई है। जिस छात्रा का एडमिशन ही नहीं हुआ था तो उसे किस आधार पर फॉर्म दे दिया गया। जिस क्रेडिट प्वाइंट के आधार पर नामांकन रद्द किए गए हैं, उसकी सूचना पहले से ही कॉलेज ने किसी भी छात्रा को उपलब्ध नहीं कराया है।
-खुशबू रतूड़ी व स्वाती नेगी, छात्र नेता