एससी, एसटी के लिए आईआईटी में एंट्री होगी आसान
- आईआईटी ने घटाया 12वीं के अंकों का क्राइटेरिया
- 12वीं में 70 के बजाय 65 प्रतिशत अंक पर मौका
विस्तार
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ
टेक्नोलॉजी (आईआईटी) में एंट्री आसान हो गई है।
इस साल से आईआईटी में दाखिले के लिए एससी और एसटी छात्रों के लिए 12वीं के अंकों में पांच प्रतिशत की गिरावट की गई है। माना जा रहा है कि आईआईटी ने यह फैसला एससी और एसटी वर्ग के छात्रों के कम प्रतिनिधित्व की वजह से लिया है।
2017 में होगी राह आसान
आईआईटी मद्रास की ओर से जेईई एडवांस 2017 परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस
क्रम में जारी किए गए नोटिफिकेशन के मुताबिक एससी और एसटी छात्रों को आसानी हो
गई है।
गत वर्ष तक आईआईटी में दाखिले के लिए 12वीं में 70 प्रतिशत या अपने बोर्ड
के टॉप 20 परसेंटाइल में शामिल होने की शर्त थी। इस साल एससी और एसटी छात्रों के
लिए यह क्राइटेरिया बदला गया है। अब 12वीं में 65 प्रतिशत अंकों पर ही आईआईटी में
प्रवेश का मौका मिल जाएगा।
टॉप 20 परसेंटाइल का विकल्प इस साल भी बना रहेगा। जेईई एडवांस एक्सपर्ट मनु पंत के मुताबिक बीते कुछ सालों से एससी और एसटी वर्ग के छात्रों का प्रतिनिधित्व आईआईटी में कम नजर आ रहा है। निश्चित तौर पर क्राइटेरिया में बदलाव से प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
विदेशी छात्रों के लिए खुले आईआईटी के द्वार
आईआईटी ने इस साल से विदेशी छात्रों के लिए भी रास्ते खोल दिए हैं। अगले साल होने वाले आईआईटी के दाखिलों में विदेशी छात्रों के लिए दस प्रतिशत अतिरिक्त सीटें आरक्षित
की गई हैं।
खास बात यह है कि यह दस प्रतिशत सीटें अभी तक मौजूद सीटों में अलग से जोड़ी जाएंगी। देश के दो लाख बीस हजार छात्रों को वर्ष 2017 में आईआईटी में दाखिला दिया जाएगा।