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पहाड़ की बेटियों का ये सपना इस बार भी नहीं होगा पूरा

Wed, 14 Sep 2016 03:47 AM IST
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 14 Sep 2016 03:47 AM IST
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nursing courses in uttarakhand.
नर्स

पहाड़ की बेटियों का नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश का सपना इस साल भी पूरा नहीं हो पाएगा। सरकार के दावों के बावजूद छह पहाड़ी जिलों में कॉलेज का भवन निर्माण पूरा ना होने के चलते एडमिशन प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकेगी। केवल हरिद्वार मेडिकल कॉलेज में प्रवेश शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि उसका फैसला इंडियन नर्सिंग काउंसिल से मंजूरी मिलने के बाद ही हो सकेगा।

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सरकार ने इस वर्ष से राज्य के सात नर्सिंग कॉलेजों में कक्षाएं शुरू करने का दावा किया था। इसके तहत अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चमोली, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल व हरिद्वार में नर्सिंग कॉलेज का निर्माण किया जाना था। पिछले कई वर्षों से चल रहे को निर्माण की डेडलाइन कई बार बढ़ाई गई। इस साल भी डेडलाइन पहले 31 मार्च और बाद में बढ़ाकर 31 अगस्त तक की गई। लेकिन, अभी तक ज्यादातर कॉलेजों का काम शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ पाया है।
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इसके चलते हरिद्वार को छोड़कर अन्य किसी भी कॉलेज में इस साल से पढ़ाई शुरू होने के आसार नहीं है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अनुसार हरिद्वार कॉलेज में सबसे ज्यादा काम हुआ है, जिसके आधार पर इंडियन नर्सिंग काउंसिल को मंजूरी के संबंध में लिखा गया है। हालांकि अभी यहां फैकल्टी की नियुक्ति समेत तमाम काम किए जाने बाकी हैं। 
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करीब 360 सीटों का नुकसान
नर्सिंग कॉलेज शुरू ना हो पाने के कारण प्रदेश को कम से कम 360 सीटों का नुकसान होगा। चिकित्सा शिक्षा निदेशक डा. आशुतोष सयाना के अनुसार प्रत्येक कॉलेज में न्यूनमत 60 सीटों का प्रावधान किया जाता है। कॉलेज शुरू होने पर प्रवेश की दिक्कतें भी कम होती।


अभी स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग देहरादून, स्टेट स्कूल ऑफ नर्सिंग देहरादून और बीडी पांडे नर्सिंग स्कूल नैनीताल का संचालन किया जा रहा है। इस सत्र में हरिद्वार कॉलेज को भी मंजूरी मिलने की अनुमति है। अन्य कॉलेज के भवन का निर्माण चल रहा है। 
-डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा

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