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नौ माह पहले की परीक्षा पास, अब तक कर रहे नियुक्ति का इंतजार

Thu, 29 Dec 2016 01:52 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 29 Dec 2016 01:52 PM IST
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no job after qualifying exam.
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उत्तराखंड सरकार एक तरफ जहां रोज बेरोजगारों को रोजगार बांटने का दावा कर रही है, वहीं पिछले करीब नौ माह से परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थी नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं। परीक्षा पर सवाल उठने के बाद शासन स्तर पर तीन बार जांच हो चुकी है। उसके बावजूद सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पाई है। परेशान अभ्यर्थी अब धरना-प्रदर्शन कर नियुक्ति की गुहार लगाने जा रहे हैं।

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प्रदेश में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के 196 पदों के लिए छह मार्च 2016 को परीक्षा हुई। 30 मार्च को परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। सफल अभ्यर्थियों को नियुक्ति से पहले अप्रैल में दस्तावेजों की जांच भी की गई। इसी दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में अनियमितता और पैसों के लेन-देन के आरोप लगाए। राष्ट्रपति शासन के दौरान राज्यपाल डॉ. केके पाल ने प्रमुख सचिव राधा रतूड़ी को मामले की जांच सौंपी। कुछ दिन बाद संयुक्त सचिव अतर सिंह ने दोबारा जांच की। दोनों ही बार किसी तरह की अनियमितता की पुष्टि नहीं हुई।
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सरकार बहाल होने पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने एक बार फिर जांच के निर्देश दिए। मई में अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की गई, जिसमें 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया। तब से अब तक ना तो इस जांच कमेटी की रिपोर्ट आई और न ही बेरोजगारों को निुयक्ति मिली। बेरोजगार इस मुद्दे पर कई बार सीएम से गुहार लगा चुके है, जहां से उन्हें हर बार आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। उन्होंने पहले 20 दिसंबर को मुख्यमंत्री से वार्ता की, जिसमें उन्हें तीन दिन में कार्रवाई का आश्वासन मिला। उसके बावजूद कई दिन बीतने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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आज से देंगे धरना
सफल अभ्यर्थियों ने नियुक्ति ना मिलने से नाराज होकर बृहस्पतिवार से धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। उन्होंने बुधवार को सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात कर धरने की अनुमति मांगी। अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री हरीश रावत उन्हें आचार संहिता लगने से पहले नियुक्ति देने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन अब वह चुप बैठने के मूड में नहीं हैं।

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