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MBBS के लिए सेंट्रलाइज काउंसलिंग नहीं, सरकार ने पलटा फैसला

Wed, 24 Aug 2016 10:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 24 Aug 2016 10:46 PM IST
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no centralize counselling in uttarakhand for MBBS. 
काउंसिलिंग - फोटो : logo

प्रदेश के निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिलों पर सरकार ने अपना फैसला पलट दिया है। अब पिछले वर्ष की तरह इस साल भी केवल सरकारी कोटे की सीटों की काउंसलिंग ही सरकार कराएगी। हिमालयन इंस्टीट्यूट जौलीग्रांट को अलग और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज व डेंटल कॉलेजों को अलग नीट काउंसलिंग करने की छूट दे दी गई है।

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बीते सप्ताह चिकित्सा शिक्षा मंत्री दिनेश धनै ने समीक्षा बैठक में तय किया था कि सभी सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिलों के लिए सेंट्रलाइज काउंसलिंग कराई जाएगी। इससे पहले कि इस फैसले पर अमल शुरू होता, हिमालयन इंस्टीट्यूट ने बैठक के अगले ही दिन अलग काउंसलिंग के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
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हिमालयन इंस्टीट्यूट का पक्ष था कि चूंकि वह स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी का हिस्सा हैं, लिहाजा एक्ट के मुताबिक अपने स्तर पर दाखिलों के लिए स्वतंत्र हैं। मामले की फाइल सीएम हरीश रावत तक पहुंची। वहां से निजी मेडिकल कॉलेजों की मुंह मांगी मुराद पूरी हो गई।

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निजी कॉलेज अपने स्तर से कराएंगे काउंसलिंग

no centralize counselling in uttarakhand for MBBS. 
छात्र - फोटो : Demo Pic

अब प्रदेश में राजकीय मेडिकल कॉलेजों और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज की राज्य कोटे की 25 एमबीबीएस सीट व हिमालयन मेडिकल कॉलेज की राज्य कोटे की 25 एमबीबीएस सीटों के लिए एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी को काउंसलिंग की जिम्मेदारी दी गई है।

प्रदेश में हिमालयन मेडिकल कॉलेज अपने स्तर से अपनी सीटें भरने को काउंसलिंग कराएगा, जबकि एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज, सीमा डेंटल कॉलेज और उत्तरांचल डेंटल कॉलेज अपने स्तर पर काउंसलिंग कराएगा। चिकित्सा शिक्षा सचिव डी सेंथिल पांडियन ने बताया कि पहले तय तो हुआ था लेकिन फैसला अंतिम नहीं था। सरकार ने सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही यह तय किया है। इसके लिए एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है।

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