इंजीनियरिंग में अब अंग्रेजी नहीं करेगी परेशान, देशभर के कॉलेजों में शुरू होने जा रही नई व्यवस्था
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पूरे देश में अब कक्षाएं शुरू होने से पहले इंजीनियरिंग के छात्रों का 15 दिन का अधिष्ठापन सत्र होगा। यह फैसला हिंदी माध्यम से 12वीं करने वाले छात्रों को अंग्रेजी में आने वाली दिक्कत को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
इसके साथ ही इंजीनियरिंग में गुणवत्ता सुधार के लिए सप्तरंगी कार्ययोजना शुरू की जा रही है। देहरादून में ग्राफिक एरा विवि के दीक्षांत समारोह में पहुंचे अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्त्रबुद्धि ने यह जानकारी दी।
प्रो. सहस्त्रबुद्धि ने कहा कि हिंदी माध्यम से 12वीं करने वाले छात्रों के सामने इंजीनियरिंग में एकाएक पूरा पाठ्यक्रम अंग्रेजी में होता है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पढ़ता है।
इससे उनकी पढ़ाई का नुकसान होता है। देखा गया है कि पहले सेमेस्टर में उनका प्रदर्शन अंग्रेजी बोर्डों के छात्रों की तुलना में फीका रहता है। इसलिए एआईसीटीई ने नए सत्र से 15 दिवसीय अधिष्ठापन (इंडक्शन) कार्यक्रम लागू कर दिया है।
इसके तहत दाखिले के 15 दिन तक कोई पढ़ाई नहीं होगी। इस दौरान हिंदी माध्यम से पढ़कर आए छात्रों को भाषा सुधार, खेलकूद, परिचर्चा जैसी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा। ताकि वे इसके बाद आसानी से वह सीबीएसई, आईएससी बोर्ड के छात्रों के साथ इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर सकें।
इसके अलावा एआईसीटीई ने इंजीनियरिंग छात्रों के लिए सप्तरंगी फार्मूला तैयार किया है। इसके तहत इंडस्ट्री लिंकेज, रिसर्च एवं इनोवेशन, हैकाथॅन, एल्युमिनाई को जोड़ना, 24 घंटे छात्रों के लिए कॉलेज की लैब खुली रखना, खेल सहित सभी गतिविधियों के क्लब बनाना और उन्नत भारत अभियान के तहत गांव-गांव तक इंजीनियरिंग को पहुंचाना शामिल है।