U-SET की ‘आंसर की’ जारी, लेकिन विवि के इस फरमान से बढ़ सकती है परेशानी
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प्रदेश के महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर पद की उत्तराखंड राज्य पात्रता परीक्षा (यूसैट) की आंसर की जारी हो गई है। लेकिन विवि के इस फरमान के बाद छात्रों की परेशानी बढ़ सकती है।
आंसर की में चार से पांच सवाल हर विषय में गलत हैं। इस गलती को बताने का शुल्क कुमाऊं विश्वविद्यालय ने प्रति प्रश्न एक हजार रुपये तय किया है, जिससे अभ्यर्थी खफा हैं। उनका कहना है कि इस तरह गलतियां बताने के लिए चार से पांच हजार रुपये शुल्क कहां से लाएंगे।
प्रदेशभर में यूसैट 29 अक्तूबर को आयोजित हुआ था। परीक्षा की उत्तर कुंजी वेबसाइट पर जारी हो गई। अभ्यर्थियों का दावा है कि हर विषय में चार से पांच गलत जवाब कुमाऊं विवि की ओर से दिए गए हैं।
राजनीति विज्ञान के एक अभ्यर्थी ने बताया कि पेपर-1 के सेट ए में सवाल नंबर 38, पेपर-2 के सेट बी में सवाल नंबर 44, पेपर-3 के सेट बी में सवाल नंबर 29, 42 और 47 के जवाब खुद कुमाऊं विश्वविद्यालय ने ही गलत दिए हैं।
17 साल में तीसरी परीक्षा
इसी प्रकार, अन्य विषयों की उत्तर कुंजी में भी गड़बड़ियां हैं। कुमाऊं विवि ने इस उत्तर कुंजी पर चैलेंज करने को प्रति प्रश्न एक हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया है। अभ्यर्थियों का कहना है कि चार से पांच हजार रुपये का इंतजाम वह आंसर की को चैलेंज करने के लिए कहां से करें।
अभ्यर्थियों ने कुमाऊं विवि से मांग की है कि जल्द से जल्द इन त्रुटियों को सुधारकर रिजल्ट जारी किया जाए, ताकि उनका भविष्य बर्बाद होने से बच जाए।
17 साल में तीसरी परीक्षा
वैसे तो नियम के हिसाब से हर साल यूसैट होना चाहिए, लेकिन उत्तराखंड में विवादों के बीच प्रदेश गठन के 17 साल में अब तक केवल तीन बार ही परीक्षा हो पाई है। हर बार होने वाली यूसैट किसी न किसी वजह से विवादों में आ जाती है। हालांकि इस साल विवि ने काफी हद तक तय सीमा में परीक्षा कराई है।
चैलेंज करने का शुल्क हमने यूजीसी के नियमों के हिसाब से रखा है। अगर अभ्यर्थी की चुनौती सही पाई गई तो नियम के हिसाब से हम पैसा वापस कर देंगे।
-प्रो. पीसी कविदयाल, सदस्य सचिव, यूसैट