{"_id":"57c3b59a4f1c1b8364d4fdfa","slug":"neck-grade-in-eight-categories","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब आठ श्रेणियों में मिलेगा नैक ग्रेड, देशभर में लागू नया पैटर्न","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
अब आठ श्रेणियों में मिलेगा नैक ग्रेड, देशभर में लागू नया पैटर्न
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 29 Aug 2016 09:40 AM IST
विज्ञापन
student
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर आप किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर नैक का ए++ ग्रेड देखें तो हैरान न हों। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग(यूजीसी) ने नेशनल एसेसमेंट एंड एक्रिडिएशन काउंसिल (नैक) का ग्रेडिंग पैटर्न बदल दिया है।
विज्ञापन
इसके तहत अब चार के बजाय संस्थानों को आठ श्रेणियों में ग्रेडिंग दी जाएगी। पहले से ग्रेड प्राप्त संस्थानों की वैद्यता तक उनकी ग्रेडिंग पुराने पैटर्न की मान्य होगी। अभी तक नैक की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों में 3.01 से ऊपर सीजीपीए पर ए ग्रेड दिया जाता था।
विज्ञापन
एक जुलाई 2016 के बाद से सभी संस्थानों को इससे ऊपर भी ए+ और ए++ ग्रेड दिए जाएंगे। पहले 1.00 से कम सीजीपीए पर डी ग्रेड, 1.01 से 2.00 तक सी ग्रेड, 2.01 से 3.00 सीजीपीए तक बी ग्रेड और 3.01 सीजीपीए से ऊपर ए ग्रेड दिया जाता था।
विज्ञापन
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत केवल उन्हीं संस्थानों को यूजीसी से ग्रांट मिलती है, जो कि नैक एक्रिडिएटिड होते हैं। इस संबंध में यूजीसी ने सर्कुलर जारी कर दिया है।
अब कितने सीजीपीए पर कौन सा ग्रेड
सीजीपीए ---- ग्रेड
3.76-4.00 - ए ++
3.51-3.76 - ए +
3.01-3.50 - ए
2.76-3.00 - बी ++
2.51-2.75 - बी +
2.01-2.50 - बी
1.51-2.00 - सी
1.50 से कम - डी(एक्रिडिएटिड नहीं)
क्या होता है नैक ग्रेड
नैक, यूजीसी का ही हिस्सा है। इस संस्था की जिम्मेदारी देशभर के विश्वविद्यालयों, उच्च शिक्षण संस्थानों, निजी संस्थानों में गुणवत्ता को परखकर ग्रेड देना है। इसके लिए शिक्षण संस्थान अपने स्तर से प्राथमिक तैयारियां पूरी करने के बाद नैक ग्रेडिंग के लिए आवेदन करते हैं।
इसके बाद नैक की ओर से टीम संस्थान का निरीक्षण करती है। निरीक्षण के दौरान कॉलेज में शिक्षण सुविधाएं, रिजल्ट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, माहौल सहित हर जरूरी बात की जानकारी ली जाती है। इस आधार पर नैक की यह टीम अपनी रिपोर्ट जमा करती है। इससे कॉलेज को सीजीपीए दिया जाता है, जिसके आधार पर ग्रेड जारी होता है।