कोचिंग नहीं बल्कि इस तरीके से पढ़ाई कर ये लड़की बनी IAS, जानिए उनका सक्सेस मंत्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिविल सेवा परीक्षा में तीर्थनगरी की बेटी नमामि बंसल ने देश में 17वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उत्तराखंड में पहले स्थान पर रहीं नमामि ने बिना कोचिंग के चौथी बार में यूपीएससी में सफलता हासिल की है।
उन्होंने इंटरनेट को पढ़ाई का सबसे अच्छा माध्यम बताया। यूपीएससी की प्रदेश टॉपर नमामि ने बताया कि उनका उत्तराखंड से पलायन रोकने और बालिका शिक्षा पर अधिक फोकस रहेगा।
तीर्थनगरी स्थित लाला लाजपत राय मार्ग निवासी नमामि बंसल ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2016 में देश में 17वां और प्रदेश में पहला मुकाम हासिल किया है।
नमामि के पिता राज कुमार बंसल की नगर में बर्तन की दुकान है। नमामि बंसल कक्षा 10वीं में 92.4 व 12वीं में 94.2 प्रतिशत अंक हासिल कर तीर्थनगरी ऋषिकेश का नाम रोशन किया था।
जानिए आगे क्या कहा उन्होंने
होनहार नमामि ने बीए अर्थशास्त्र ऑनर्स लेडी श्रीराम विश्वविद्यालय, दिल्ली व एमए ओपन यूनिवर्सिटी हल्द्वानी से अर्थशास्त्र विषय से किया। एमए में ओपन यूनिवर्सिटी की टॉपर रही नमामि को राज्यपाल डा. केके पॉल ने 17 अप्रैल -2017 को गोल्ड मेडल से भी सम्मानित किया था।
नमामि ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा की तैयारी के लिए किसी भी तरह की कोई कोचिंग नहीं ली। नमामि का कहना है कि अगर इंटरनेट का सही उपयोग परीक्षा की तैयारी की जानकारी जुटाने के लिए किया जाए, तो कोचिंग व किताबों से बेहतर जानकारी प्राप्त हो सकती है। नमामि की मां सरिता बंसल व भाई विभुम बंसल ने बताया कि यह हमारे लिए बहुत बड़ी गौरवान्वित करने वाली की बात है।
यूपीएससी की परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल करने वाली तीर्थनगरी की नमामि बंसल ने परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं से असफलता मिलने की स्थिति में भी धैर्य न खोने और खुद पर भरोसा रखने के लिए कहा है। उन्होंने कहा किसी भी परीक्षा में सफल होने के लिए धैर्य, मेहनत व खुद पर विश्वास होना बेहद जरूरी है।