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उत्तराखंड: मेडिकल काउंसलिंग पर ठिठके सरकार के कदम

Fri, 19 Aug 2016 07:53 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 19 Aug 2016 07:53 PM IST
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medical counselling in uttarakhand.
स्टूडेंट - फोटो : demo pic

प्रदेश में निजी मेडिकल कॉलेज और निजी विश्वविद्यालय में एमबीबीएस दाखिलों पर सरकार के कदम ठिठक गए हैं। चिकित्सा शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक में तय हुए सेंट्रलाइज काउंसलिंग के निर्णय के बावजूद एसआरएचयू के नोटिस निकालने पर सरकार अब दोबारा सोचने को मजबूर हो गई है। लिहाजा, अभी फैसले पर पुनर्विचार शुरू कर दिया गया है। फिलहाल सूबे में प्राइवेट कॉलेजों व विवि मेडिकल दाखिलों पर स्थित साफ नहीं है।

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सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद इस साल मेडिकल दाखिलों के लिए कॉमन प्रवेश परीक्षा नीट का आयोजन किया गया था। इसके बाद केंद्र सरकार ने फैसले के अनुपालन में यह तय किया है कि सभी मेडिकल कॉलेजों में राज्यों को दाखिले का अधिकार होगा।
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इसके तहत दो दिन पहले चिकित्सा शिक्षा मंत्री दिनेश धनै ने समीक्षा बैठक बुलाकर तय किया था कि सभी निजी और सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस दाखिलों को सेंट्रलाइज काउंसलिंग कराई जाएगी। इससे पहले कि फैसला अमल में आता, स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने दाखिले का नोटिफिकेशन जारी कर दिया।
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इसके पीछे विवि ने तर्क दिया है कि सरकार का अधिकार केवल निजी मेडिकल कॉलेज तक सीमित है, विवि अपने एक्ट से चलता है, लिहाजा विवि खुद दाखिले करेगा। एसआरएचयू के इस फैसले से सरकार के कदम ठिठक गए हैं। मामले में अब दोबारा फाइल चलाई गई है। अभी कोई फैसला न होने की वजह से तीन सितंबर से शुरू होने वाली काउंसिलिंग को लेकर असमंजस पैदा हो गया है।


क्या कहते हैं मंत्री
हमने तय किया था कि सेंट्रलाइज काउंसलिंग कराई जाएगी। अगर एसआरएचयू ने नोटिफिकेशन जारी किया है तो उस पर ध्यान देने की जरूरत है। जल्द ही हम फैसला ले लेंगे।
-दिनेश धनै, चिकित्सा शिक्षा मंत्री

मामले में अब फैसले के लिए शासन में कार्रवाई हो रही है। फाइल पर सरकार का फैसला आने के बाद ही आगे की कार्रवाई के बारे में रूबरू कराया जा सकेगा।
-डॉ. आशुतोष सयाना, निदेशक, चिकित्सा शिक्षा

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