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नियुक्ति पत्र हाथ में, WIT निदेशक का ज्वाइनिंग से इनकार

Tue, 20 Sep 2016 02:32 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/ अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 20 Sep 2016 02:32 AM IST
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joining of teachers in WIT.
टीचर - फोटो : Amar Ujala

उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय और महिला प्रौद्योगिकी संस्थान (डब्ल्यूआईटी) के आला अधिकारियों के बीच चल रही रार में अब होनहार शिक्षक भी पिस रहे हैं। यूटीयू ने गत वर्ष के नोटिफिकेशन के तहत 12 युवाओं की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने के बाद पत्र जारी कर दिया, लेकिन डब्ल्यूआईटी निदेशक ने उन्हें ज्वाइनिंग देने से इनकार कर दिया। युवाओं ने सीएम, राज्यपाल, महिला आयोग से शिकायत की तो सीएम ने आदेश जारी किए, लेकिन अभी तक नियुक्ति नहीं मिली।

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तकनीकी विश्वविद्यालय ने 15 जुलाई 2015 को सभी संघटक तकनीकी संस्थानों में विभिन्न पदों पर अस्थायी नियुक्ति के लिए नोटिफिकेशन जारी किया। इसके तहत आवेदन करने वाले युवाओं को पूरी प्रक्रिया से गुजरने के बाद तीन संघटक संस्थानों ने तो नियुक्ति दे दी लेकिन, डब्ल्यूआईटी ने नियुक्ति देने से इनकार कर दिया।
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यहां के लिए 12 युवाओं का चयन तकनीकी विवि ने किया था। तकनीकी विवि ने इन सभी युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी करते हुए दस दिन के भीतर संबंधित संस्थान में रिपोर्ट करने के आदेश दिए थे। चयनितों का कहना है कि जब वह रिपोर्ट करने पहुंचे तो डब्ल्यूआईटी की निदेशक डॉ. अलकनंदा अशोक ने बजट न होने की वजह से ज्वाइनिंग देने से इनकार कर दिया।
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कुलसचिव भेज चुके हैं कई बार पत्र
मामले में तकनीकी विवि के कुलसचिव की ओर से कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन चयनितों को नियुक्ति नहीं मिली। परेशान युवाओं ने सीएम हरीश रावत को लिखित शिकायत की, जिस पर सीएम ने तत्काल नियुक्ति के आदेश दिए। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। चयनितों में से कुछ महिला अभ्यर्थियों ने महिला आयोग में भी शिकायत की है, जिस पर सुनवाई चल रही है। 

विवि ने पूरी प्रक्रिया के बाद चारों संघटक कॉलेजों के लिए नियुक्ति पत्र जारी किए थे। तीन कॉलेजों ने तो नियुक्ति भी दे दी है। डब्ल्यूआईटी को कुलसचिव की ओर से पत्र भेजा गया था। ज्वाइनिंग का मामला अब निदेशक के पास है।
-प्रो. पीके गर्ग, कुलपति, यूटीयू

हम पहले से ही 50 लाख के माइनस में हैं। अगर हमने इन 21 लोगों को भी ज्वाइन करा दिया तो हमारा 70 लाख का अतिरिक्त खर्च बढ़ जाएगा। छात्राओं से अलग से पैसा नहीं ले सकते हैं, लिहाजा कॉलेज चलाना मुश्किल हो जाएगा। हम विवि से लगातार मांग कर रहे हैं कि हमें हमारी जरूरत के हिसाब से नौ लोगों का नाम दे दें। हम तुरंत ज्वाइन करा देंगे। एक महीने से विवि ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है। अब हमने पूरा मामला प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा को बता दिया है, उनसे निर्देश मांगे हैं। 

-डॉ. अलकनंदा अशोक, निदेशक, डब्ल्यूआईटी

कार्यबहिष्कार जारी
डब्ल्यूआईटी में आंदोलन कर रहे शिक्षकों का सोमवार को भी कार्यबहिष्कार जारी रहा। शिक्षक मांग कर रहे हैं कि किसी भी शिक्षक को यहां से निकाला न जाए। निष्कासित शिक्षिका सुनीता चंदेल की वापसी कराई जाए। अभी तक सरकार की ओर से मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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