अब पेटीएम या ई बडी से भी भरें जेईई मेंस की फीस
इंजीनियरिंग की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेंस में अभ्यर्थियों के लिए शुल्क जमा कराने के दो नए विकल्प पहली बार दिए गए हैं। सीबीएसई ने अभ्यर्थियों को एसबीआई के ई-बडी और पेटीएम से शुल्क भुगतान की सुविधा दी है।
सीबीएसई की ओर से दो अप्रैल 2017 को ऑफलाइन और 8 व 9 अप्रैल 2017 को ऑनलाइन जेईई मेंस का आयोजन किया जाएगा। इसकी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया दो जनवरी 2017 तक चलेगी। परीक्षा में शुल्क जमा कराने को अभी तक बोर्ड ई चालान के अलावा डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड का विकल्प ही देता था।
पहली बार सीबीएसई ने अभ्यर्थियों को परीक्षा शुल्क जमा कराने को ई बडी और पेटीएम की सुविधा दी है। अभ्यर्थी जो शुल्क एसबीआई बडी से जमा करेंगे, उसमें 20 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन और सर्विस टैक्स देना होगा। अगर अभ्यर्थी पेटीएम से शुल्क जमा कराएंगे तो उन्हें परीक्षा शुल्क का 1.50 प्रतिशत और सर्विस टैक्स देना होगा।
ऑनलाइन के मुकाबले महंगा है ऑफलाइन एग्जाम
जेईई मेंस ऑफलाइन एग्जाम देना अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन के मुकाबले महंगा है। जेईई मेंस ऑफलाइन का पेपर 1 या पेपर 2 देने पर छात्र को 1000 रुपये और छात्रा को 500 रुपये शुल्क देना होगा।
जेईई मेंस ऑनलाइन का पेपर 1 या पेपर 2 देने पर छात्र को 500 रुपये और छात्रा को 250 रुपये शुल्क देना होगा। इसी प्रकार ऑफलाइन में दोनों पेपर देने वाले छात्र को 1800 रुपये और छात्रा को 900 रुपये देने होंगे जबकि ऑनलाइन मोड में दोनों पेपर देने वाले छात्र को 1300 और छात्रा को 650 रुपये शुल्क देना होगा।
बीते दो साल से लगातार जेईई मेंस की कॉमन मेरिट लिस्ट बनने में दूसरे राज्यों के बोर्ड से समय से डाटा उपलब्ध न होना रुकावट बनता रहा है लेकिन इस बार बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर समय रहते बोर्ड टॉप 20 का कटऑफ नहीं देता है तो छात्र की जिम्मेदारी होगी।
छात्र खुद अपने बोर्ड से एक पत्र लिखवाकर लाएगा, जिसमें यह प्रमाणित हो कि वह छात्र टॉप 20 परसेंटाइल क्राइटेरिया में आता है। दरअसल, जेईई मेंस से आईआईटी की प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस के लिए चयन होता है। इनका चयन के लिए छात्र के 75 प्रतिशत या बोर्ड के टॉप 20 परसेंटाइल में होना अनिवार्य है।
यह है वेबसाइट : www.jeemain.nic.in