जारी हुआ जेईई मेन का रिजल्ट, इस बार छात्रों ने मारी बाजी
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23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 17 ट्रिपल आईटी और 17 जीएफआईटी सहित देशभर के अन्य तकनीकी संस्थानों में दाखिले के लिए आयोजित इंजीनियरिंग के महामुकाबले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेंस का परिणाम होनहारों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आया। गत वर्ष के मुकाबले इस साल ज्यादा होनहारों ने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस के लिए शीर्ष 2.20 लाख में जगह बनाई है। प्रदेश के 500 से ज्यादा युवाओं को भी आईआईटी की प्रवेश परीक्षा का टिकट मिला है।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही छात्रों को जेईई मेंस के परिणाम का इंतजार था। देशभर से करीब 12 लाख अभ्यर्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से आईआईटी की प्रवेश परीक्षा जेईई एडवांस के लिए केवल 2.20 लाख अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। चूंकि, कटऑफ इस साल पांच वर्षों में सबसे नीचे गई। लिहाजा प्रदेशभर से भारी संख्या में अभ्यर्थियों को जेईई एडवांस का टिकट मिला है। इस वर्ष सामान्य कटऑफ 81, ओबीसी की कटऑफ 49, एससी की कटऑफ 32 और एसटी की कटऑफ 27 अंक रही। देर रात तक प्रदेशभर से नतीजे आने का सिलसिला जारी रहा।
एक अंक वाले को जेईई एडवांस का टिकट
जेईई मेंस एग्जाम में एक अंक लाने वाले को सीधे आईआईटी की प्रवेश परीक्षा का टिकट मिल गया है। दिव्यांग श्रेणी में सीटें ज्यादा और दावेदार कम होने की वजह से ऐसा हुआ है। दरअसल, जेईई मेंस से इस साल कुल 6600 दिव्यांग अभ्यर्थियों को जेईई एडवांस का टिकट दिया गया है।
इनकी संख्या कम और मुकाबला कड़ा होने की वजह से 360 अंक में से केवल एक अंक लाने वाला भी क्वालिफाई हो गया है। जनरल दिव्यांग के 3333, ओबीसी दिव्यांग के 1782, एससी दिव्यांग के 990 और एसटी दिव्यांग के 495 अभ्यर्थियों का चयन जेईई मेंस से किया गया है।