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उत्तराखंड की श्रीदेव सुमन विवि छात्रों को पढ़ाएगा जीएसटी
आफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 28 Jul 2017 03:15 PM IST
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shri dev suman university
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के छात्र इसी सत्र से जीएसटी का पाठ पढ़ेंगे। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जल्द ही विवि के सिलेबस का हिस्सा बनने जा रहा है।
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इसके साथ ही श्रीदेव सुमन विवि पाठ्यक्रम में जीएसटी लागू करने वाला प्रदेश का पहला विवि बन जाएगा। अभी तक किसी भी विवि ने अपने सिलेबस में जीएसटी को शामिल नहीं किया है।
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एक जुलाई से देश में नया टैक्स (जीएसटी) लागू हो गया। लेकिन शिक्षण संस्थानों में नया सत्र शुरू हो चुका था। लिहाजा विश्वविद्यालयों ने जीएसटी को सिलेबस का हिस्सा नहीं बनाया और इस साल ज्यादातर विवि में छात्र वही पुराना वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) और एक्साइज ड्यूटी पढ़ेंगे। यानी जो छात्र बीकॉम और एमकॉम सहित टैक्स से जुड़ा पुराना सिलेबस पढ़कर इंडस्ट्री में जाएंगे, उन्हें जीएसटी की जानकारी नहीं होगी।
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श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि के कुलपति डॉ. उदय सिंह रावत ने बताया कि छात्रों को नया टैक्स पढ़ाने के लिए वह इसी सत्र से सिलेबस बदलने जा रहे हैं। इसके तहत सिलेबस रिफॉर्मेशन कमेटी की बैठक अगस्त के पहले सप्ताह में दून में बुलाई गई है। बैठक में अकाउंटिंग और टैक्सेशन वाले चैप्टर को सिलेबस से हटाकर जीएसटी लाया जाएगा। जीएसटी से टैक्स में जो बदलाव हुए हैं, उन बिंदुओं को समाहित कर नया सिलेबस बनाया जाएगा।
देश का दूसरा विवि है श्रीदेव सुमन विवि!
जीएसटी को सिलेबस का हिस्सा बनाने वाला श्रीदेव सुमन देश का दूसरा विश्वविद्यालय है। इससे पहले हाल ही में लखनऊ विश्वविद्यालय ने जीएसटी पर छह महीने का सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की घोषणा की है। इसके अलावा अभी तक किसी विवि ने यह पहल नहीं की है। यूजीसी ने भी अभी तक जीएसटी को सिलेबस में शामिल करने को लेकर कोई निर्देश नहीं दिए हैं। दिल्ली विवि भी अभी इस पर योजना बना रहा है।