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'समूह ग' का पेपर लीक होने से मचा हड़कंप, परीक्षा छोड़ कॉलेज के बाहर छात्रों ने किया प्रदर्शन

Sun, 12 Nov 2017 08:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो/अमर उजाला, रुड़की Updated Sun, 12 Nov 2017 08:17 PM IST
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Group C exam Paper leak in roorkee

रविवार को समूह ‘ग’ का पेपर लीक होने की सूचना से हड़कंप मच गया। वहीं छात्रों को जब ये बात पता लगी तो उन्होंने पेपर छोड़ कॉलेज के बाहर पेपर पहले से लीक होने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया।

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समूह ‘ग’ के अंतर्गत राजकीय पर्यवेक्षक की परीक्षा एक केंद्र पर पेपर लीक होने तथा 45 मिनट देरी से पेपर देने का आरोप लगाते हुए 25 छात्रों ने विरोध प्रदर्शन कर बहिष्कार कर दिया।
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सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को परीक्षा कक्ष में ले गई और पूरे मामले की जांच पड़ताल करते हुए छात्रों की वीडियोग्राफी कराते हुए बयान दर्ज कराए।
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जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि पेपर लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। विरोध कर रहे छात्रों के बयान दर्ज कराए गए हैं। साथ ही सीसी कैमरे की फुटेज की भी जांच की जा रही है। देरी से पेपर दिए जाने समेत पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि संबंधित छात्रों की परीक्षा दोबारा नहीं कराई गई है।

शहर के विभिन्न केंद्रों पर उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से समूह ‘ग’ के अंतर्गत राजकीय पर्यवेक्षक की परीक्षा संपन्न कराई गई। इस दौरान कलियर के समीप स्थित रुड़की कॉलेज आफ इंजीनियरिंग (आरसीई) परीक्षा केंद्र पर छात्रों ने सुबह करीब पौने 11 बजे पेपर लीक होने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया और कॉलेज गेट पर आकर नारेबाजी शुरू कर दी।

छात्र संजीत कुमार, अवनीश, प्रमोद, आनंद, मनोज, प्रदीप, अरमीना, प्रीति, आयशा, तसलीम, मांगेराम और रविंद्र आदि का कहना था कि परीक्षा का समय सुबह दस बजे था। लेकिन उन्हें आधा घंटे बाद पेपर देना शुरू किया। 15 मिनट पेपर बांटने में लग गए लेकिन, जब पेपर हाथ में आया तो पता चला कि इनकी सील खुली हुई थी और बुक लेट के सीरियल नंबर भी नियमानुसार नहीं थे।

इन छात्रों ने आरोप लगाया कि पूरी परीक्षा में पहले से तय कर ली गई है और बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है। पेपर लीक होने की सूचना तथा छात्रों के हंगामा करने की सूचना मिलते ही ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिका खंडेलवाल आरसीई कॉलेज पहुंची और मामले की जांच शुरू की। इस दौरान करीब दो घंटे तक जेएम ने छात्रों के वीडियोग्राफी कराकर उनके बयान दर्ज किए।

तीन दिव्यांगों को परीक्षा देने से रोका, हंगामा

Group C exam Paper leak in roorkee

जेएम खंडेलवाल ने बताया कि परीक्षा छोड़ने वाले छात्रों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई है। छात्रों की दोबारा परीक्षा नहीं कराई गई है। जो बुकलेट उन्हें दी गई थी, परीक्षा के उपरांत उन्हें एकत्रित कर सील कर दिया है।

उन्होंने बताया कि पेपर लीक होने के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। क्योंकि जिस ट्रंक में पेपर आए थे, उस पर सील लगी थी जबकि जिस बड़े लिफाफे में पेपर होते हैं, उस पर सील नहीं लगी होती है। उन्होंने बताया कि छात्रों के बयान दर्ज करने के साथ ही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की भी जांच की जा रही है। मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।

वहीं,  रुड़की के विभिन्न स्कूल, कॉलेजों में उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से पर्यवेक्षक की परीक्षा आयोजित कराई गई। इस दौरान तीन दिव्यांग अभ्यर्थियों ने केएल पॉलिटेक्निक पर जमकर हंगामा किया। इस दौरान गढ़मीरपुर निवासी दृष्टिविहिन अमित चौहान का कहना था कि दृष्टिविहीन होने के चलते नियमानुसार उसे सहायक मिलना चाहिए, लेकिन स्कूल प्रबंधक ने सहायक देने से साफ इंकार कर दिया।

जिसके चलते उसे परीक्षा से वंचित रहना पड़ा। इस दौरान अन्य दो दिव्यांग सद्दाम और पिंकी का कहना था कि वह समय पर पहुंच गए थे। इस दौरान अन्य अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में जाने दिया गया, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। जिसे चलते वह परीक्षा से वंचित रह गए है। थकहार कर तीनों दिव्यांग अभ्यर्थी वापस चले गए। दूसरी ओर कार्यवाहक प्रधानाचार्य वाईके गोयल ने बताया तीनों अभ्यर्थी निर्धारित समय के बाद परीक्षा सेंटर में पहुंचे। जिसके चलते अभ्यर्थी को परीक्षा में बैठने नहीं दिया गया।

पेपर देने में क्यों देरी हुई, इसकी भी हो रही जांच

Group C exam Paper leak in roorkee

पेपर देने में क्यों देरी हुई, इसकी भी हो रही जांच
छात्रों का आरोप था कि उन्हें परीक्षा शुरू होने के आधा घंटे बाद पेपर देने शुरू किए गए थे। साथ ही सभी को पेपर बांटने तक 45 मिनट की देरी हो चुकी थी। इस बाबत जेएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि इसकी जांच की जा रही है, किस वजह से पेपर देने में देरी हुई। जांच पूरी कर जवाबदेही तय कर रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।

शहर में 35 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई गई परीक्षा
उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित राजकीय पर्यवेक्षक की परीक्षा शहर के 35 परीक्षा केंद्रों पर संपन्न कराई गई। इन परीक्षा केंद्रों पर 17 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का पंजीकरण किया गया था। सचिव हरि सिंह ने बताया कि अभी सभी केंद्रों से डाटा कलेक्ट किया जा रहा है। सभी जगहों से डाटा मिलान होने के बाद परीक्षा देने वाले छात्रों का आंकड़ा जारी किया जाएगा

विवादों से अछूता नहीं परीक्षा
रुड़की। विगत 26 जुलाई 2015 को भी यही परीक्षा उस समय रद्द हो गई थी जब नैनीताल के एक परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक हो गया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के साथ ही जांच बैठा दी गई थी। रविवार को इस परीक्षा आयोजन प्रदेश भर मं 463 परीक्षा केंद्रों पर कराया गया है। हालांकि रविवार को भी यह परीक्षा पूरी तरह विवादों से अछूती नहीं रह सकी।

जिस परीक्षा केंद्र पर पेपर लीक होने के आरोपों की बात सामने आई है। वहां 500 छात्रों ने परीक्षा दी है। केवल 25 छात्रों की ओर से हंगामा किया गया। सूचना पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने केंद्र पर पहुंचकर परीक्षा संपन्न कराई और जांच में पेपर लीक होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
-हरि सिंह, सचिव उत्तराखंड प्राविधिक शिक्षा परिषद

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