प्राइवेट सेक्टर में उत्तराखंड के पांच हजार युवाओंं को नौकरी
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केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयूजीकेवाई) के तहत प्रदेश के पांच हजार युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर निजी कंपनियों में नौकरी मुहैया करायी जाएगी। तकनीकी प्रशिक्षण में निजी संस्थानों के विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। योजना के लिए केंद्र सरकार ने ग्राम्य विकास विभाग को 54 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है।
ग्राम्य विकास विभाग के अपर सचिव युगल किशोर पंत ने बताया कि योजना के तहत राज्य के सभी जिलों से पांच हजार बेरोजगार युवकों को चिह्नित किया जाएगा।
योजना के तहत चयनित युवाओं को छात्रावास में रखकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद देश की नामी कंपनियों से संपर्क कर युवाओं को नौकरी भी दिलायी जाएगी। प्लेसमेंट के लिए भी निजी कंपनियों की मदद ली जाएगी।
ऐसे परवान चढ़ेगी योजना
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना को विधिवत संचालित किया जा सके, इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग की ओर से विशेष प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। प्रकोष्ठ में अफसरों के अलावा तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
किस युवक को किस तकनीकी क्षेत्र की दक्षता दिलायी जाए इसके लिए ट्रेनिंग नीड एनालिसिल यानी टीएनसी प्रोग्राम संचालित किया जाएगा। बहरहाल अभी योजना शुरुआती दौर में है, लेकिन यदि योजना परवान चढ़ती है तो न सिर्फ बेरोजगार युवाओं को नौकरी के बेहतर अवसर मुहैया कराए जा सकेंगे, वरन राज्य की आर्थिकी को भी मजबूत किया जा सकेगा।