{"_id":"57a3b8ba4f1c1b393a2b9202","slug":"exam-for-run-ultrasound-center","type":"story","status":"publish","title_hn":"अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाना है तो पास करना होगा ये टेस्ट","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाना है तो पास करना होगा ये टेस्ट
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 05 Aug 2016 03:20 AM IST
विज्ञापन
exam
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेशभर में पहले से चल रहे उन हजारों अल्ट्रासाउंड सेंटरों का भविष्य एक परीक्षा पर टिक गया है जहां एमबीबीएस पास डॉक्टर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे सेंटर के चिकित्सकों को पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कंपीटेंसी बेस्ड इवेल्यूएशन टेस्ट(सीबीईटी) से गुजरना होगा। परीक्षा पास होगी तो सेंटर चलेगा। इसके अलावा नया अल्ट्रासाउंड सेंटर खोलने के लिए छह माह का विशेष कोर्स कराना होगा। दोनों ही जिम्मेदारियां सरकार ने एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी को सौंप दी हैं।
विज्ञापन
अगर यह डॉक्टर परीक्षा पास नहीं कर पाते हैं तो उन्हें अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद करना होगा। एमडी वाले डॉक्टरों को इस परीक्षा से छूट दी गई है। इसके अलावा अगर कोई एमबीबीएस पास डॉक्टर अपना अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाना चाहता है तो उसे छह माह का ‘द फंडामेंटल्स इन एब्डोमिनो-पेल्विक अल्ट्रासोनोग्राफी : लेवल 1’ कोर्स करना होगा। प्रदेश में इस कोर्स की पांच सीटें हिमालय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, जौलीग्रांट और चार सीटें हैं। साल में दो बार एडमिशन होंगे, लिहाजा प्रदेश में हर साल 18 एमबीबीएस डॉक्टर अल्ट्रासाउंड सेंटर चलाने के योग्य हो जाएंगे।
विज्ञापन
इनका है कहना
जल्द ही सीबीईटी एग्जाम के लिए तिथियां जारी कर प्रदेशभर से आवेदन मांगे जाएंगे। विशेष कोर्स के लिए भी प्रवेश परीक्षा होगी।
-प्रो. विजय जुयाल, कुलसचिव, एचएनबी मेडिकल यूनिवर्सिटी