बंद होने के कगार पर देश का ये इकलौता मैनेजमेंट कोर्स
- पहली बार किसी विवि ने शुरू किया था सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स
- देशभर से जुड़े थे सेना से रिटायर्ड ऑफिसर, पहले साल हुआ था सुपरहिट
- सही प्लेसमेंट न मिलने और ज्यादा शुल्क की वजह से हो गई दुर्दशा
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विस्तार
दून विश्वविद्यालय का सबसे चर्चित सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स बंदी की कगार पर पहुंच चुका है। हालांकि विवि ने अभी तक इसे बंद करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन बीते दो साल से इस कोर्स में एक भी दाखिला नहीं हुआ है। अब विवि इसे बंद करने की योजना बना रहा है।
चार साल पहले दून विश्वविद्यालय ने पीजी डिप्लोमा इन सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स शुरू किया था। इस कोर्स का मकसद सामान्य ग्रेजुएट युवाओं को ट्रेनिंग देने के बाद मार्केट की डिमांड के हिसाब से तैयार करना था। इस खास कोर्स में सेना से रिटायर्ड कई अफसर भी बतौर फैकल्टी जोड़े गए थे।
कोर्स पहले ही साल में इतना हिट हुआ था कि इसकी सभी सीटें फुल हो गई थी, लेकिन दूसरे साल से यह पिटना शुरू हो गया। पहले कोर्स का प्लेसमेंट तो हुआ लेकिन युवाओं को यह प्लेसमेंट रास नहीं आया। लिहाजा, अगले साल से ही इसका ग्राफ गिरना शुरू हो गया। वर्ष 2015 में इस कोर्स में एक भी एडमिशन नहीं हुआ। इसी प्रकार, इस साल भी कोई आवेदन नहीं आया है। इस कोर्स का शुल्क 40 हजार रुपये रखा गया था।
देश का इकलौता कोर्स था यहां
इस कोर्स की इसलिए भी महत्ता थी, क्योंकि दून विवि देश का पहला ऐसा विवि था जिसने यह कोर्स शुरू किया था। इस वजह से इसे देशभर में खूब प्रसिद्धि भी मिली थी। कहीं न कहीं इस कोर्स के पिछड़ने के पीछे विवि प्रशासन की लापरवाही भी है। समय रहते कोर्स का सही प्रचार किया जाता, प्लेसमेंट पर ध्यान दिया जाता तो आज कोर्स बंदी की कगार पर न जाता।
इनका है कहना
सिक्योरिटी मैनेजमेंट कोर्स में शुरू में रिस्पांस बहुत अच्छा था, लेकिन अब इसमें दाखिला लेने वाला कोई नहीं है। गत वर्ष भी कोई ऐडमिशन नहीं हुआ था। इस साल अगर आवेदन आए तो हम एडमिशन को तैयार हैं।
-डॉ. मंगल सिंह मंद्रवाल, उपकुलसचिव, दून विवि