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अब देहरादून की इस यूनिवर्सिटी से करें साइबर क्राइम की पढ़ाई

Thu, 06 Jul 2017 12:44 PM IST
अफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून
अफताब अजमत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 06 Jul 2017 12:44 PM IST
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cybercrime course in Uttarakhand technical university
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देश में तेजी से बढ़ते जा रहे साइबर क्राइम के बीच उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय इससे जुड़े दो कोर्स शुरू करने जा रहा है। विवि ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यह शॉर्ट टर्म कोर्स होंगे। नए सत्र के लिए विवि ने कई और नई नीतियां लागू की हैं।

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तकनीकी विवि के कुलपति प्रो. पीके गर्ग ने बताया कि लगातार बढ़ते साइबर खतरों से निपटने को प्रोफेशनल तैयार करने के लिए विवि यह दो कोर्स शुरू करने जा रहा है। इसमें एक कोर्स साइबर सिक्योरिटी का होगा जबकि दूसरा कोर्स साइबर क्राइम का होगा। इनकी अवधि एक से तीन माह की होगी। कुलपति ने बताया कि अभी तक विवि की फैकल्टी के लिए बाहरी रिसर्च प्रोजेक्ट लेने के लिए कोई नियम नहीं था।
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उन्होंने नियमावली तैयार कर ली है। इसके बाद यहां की फैकल्टी बाहर से रिसर्च प्रोजेक्ट ले सकेगी। इस नियमावली पर विवि की अकादमिक परिषद की बैठक में मुहर लगेगी। इसके अलावा यूजीसी के पीएचडी रेगुलेशन के मुताबिक परिषद की बैठक में सभी संशोधित नियम लागू कर दिए जाएंगे। इससे महिलाओं को लाभ होगा। वह शादी होने या पति के ट्रांसफर होने पर पीएचडी करते वक्त एक विवि से दूसरे विवि में ट्रांसफर ले सकेंगी। जल्द ही परिषद की बैठक बुलाई जाएगी।

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डिग्री पर आधार नंबर

cybercrime course in Uttarakhand technical university
साइबर क्राइम - फोटो : Demo

यूटीयू ने इस साल अपनी डिग्री का स्वरूप बदल लिया है। डिग्री पर सबसे ऊपर हिंदी में पूरी जानकारी होगी, जिसके नीचे अंग्रेजी में छात्र की जानकारी होगी। इसके अलावा आधार नंबर और छात्र का फोटो भी यूजीसी नियमों के हिसाब से होगा।

एग्जाम में सीसीटीवी, बायोमीट्रिक जरूरी
यूटीयू ने इस सेमेस्टर से सभी परीक्षाओं में सीसीटीवी और बायोमीट्रिक मशीन अनिवार्य कर दी है। इसके तहत केवल उन्हें कॉलेजों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां परीक्षा कक्षों में सीसीटीवी कैमरे होंगे और छात्रों की हाजिरी के लिए बायोमीट्रिक मशीनें होंगी। इसके लिए सभी कॉलेजों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

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