अब नहीं चलेगा फेल को पास करने का खेल, सीबीएसई ने जारी किया नया फरमान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
9वीं फेल को सीधे 10वीं और 11वीं फेल को 12वीं में दाखिले का निजी सीबीएसई स्कूलों का खेल अब नहीं चलेगा। सीबीएसई, देहरादून ने रीजन के सभी स्कूलों को एक नोटिस जारी किया है।
इसके तहत 15 मई तक उन्हें यह बताना है कि कौन-कौन छात्र 9वीं या 11वीं में फेल हुए हैं और क्या वह रिपीट कर रहे हैं या टीसी कटा ली है। इसके बाद अगर कोई स्कूल नियमविरुद्ध ऐसे छात्रों को दाखिला देता पकड़ा गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून, मेरठ, मुजफ्फरगनर, मुरादाबाद, बरेली, गाजियाबाद सहित कई शहरों में हर साल सीबीएसई के स्कूलों से फेल होने वाले छात्र, दूसरे शहरों या सीबीएसई स्कूलों में जाकर दाखिला ले रहे हैं।
इसके बदले में स्कूल गलत तरीके से पैसा वसूल रहे हैं तो दूसरी ओर शिक्षा की गुणवत्ता और सीबीएसई के एक्ट का उल्लंघन भी हो रहा है। सीबीएसई, देहरादून के पास कई शहरों से ऐसी शिकायतें भी आ रही हैं। इसी को देखते हुए सीबीएसई ने स्कूलों को चेताया है।
20-20 छात्रों के अभिभावक कैसे हो रहे ट्रांसफर?
सीबीएसई, देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रणबीर सिंह ने सभी स्कूलों से 15 मई तक यह डाटा तलब किया है। उन्हें 9वीं और 11वीं में इस साल फेल होने वाले छात्र का नाम, कक्षा, रजिस्ट्रेशन नंबर, किस विषय में फेल हुआ और रिपीट कर रहा है या टीसी ले ली है, की पूरी जानकारी देनी होगी।
रणबीर सिंह के मुताबिक, ऐसे तमाम बड़े स्कूल भी सामने आए हैं, जिनके फेल छात्रों को दूसरे स्कूल नियम विरुद्ध दाखिला दे रहे हैं। सीबीएसई परीक्षा नियमावली के मुताबिक, अगर किसी स्कूल ने इस तरह नियम विरुद्ध किसी छात्र को पास कर दाखिला दिया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
20-20 छात्रों के अभिभावक कैसे हो रहे ट्रांसफर?
सीबीएसई की जांच में यह बात भी सामने आई है कि एक-एक स्कूल के 20-20 छात्र सीधे दूसरे शहर के स्कूल में दाखिल हो गए। इसके पीछे वजह बताई गई है पिता का तबादला। सवाल यह है कि एक ही शहर के एक ही स्कूल के 20 अभिभावकों का तबादला कैसे हो सकता है। ऐेसे में उन स्कूलों को भी डाटा देना है, जिनके बच्चों के अभिभावकों का कहीं और तबादला हो गया है।