फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Cbse Neet 2018 Result 2018 Hawkers son become Doctor success story

पिता फड़ लगाकर कपड़े बेचते हैं, बेटे ने डॉक्टर बनकर पूरा किया उनका सपना, कही दिल छू लेने वाली बात

Tue, 05 Jun 2018 04:45 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Tue, 05 Jun 2018 04:45 PM IST
विज्ञापन
Cbse Neet 2018 Result 2018 Hawkers son become Doctor success story
vikas

घर-घर जाकर और फड़ लगाकर कपड़े बेचने वाले जोगेंद्र कुमार की आंखे भर आई जब उन्होंने सुना कि बेटे ने नीट परीक्षा पास कर ली है और वह डॉक्टर बनने वाला है। नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट) की एससी केटेगरी में 679वीं प्राप्त कर सलेमपुर बहादराबाद के विकास कुमार ने हरिद्वार का नाम रोशन किया है। विकास के पिता जोगेंद्र कुमार फेरी लगाकर कपड़ा बेचने का काम करते हैं। विकास की इस उपलब्धि से उनके परिजन गदगद है।       

विज्ञापन


विकास कुमार ने पिछले वर्ष राजकीय इंटर कालेज समेलपुर बहादराबाद से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण कर डॉक्टर बनने की ठानी और शहर के कोटा क्लासेस में नीट की कोचिंग शुरू कर दी। एक साल की कड़ी मेहनत के बाद विकास ने छह मई को नीट की परीक्षा दी। जिसमें विकास कुमार ने ऑल इंडिया स्तर पर 679वीं रैंक प्राप्त कर डाक्टर बनने का सपना पूरा किया। जब विकास के पिता जोगेंद्र कुमार को यह खबर मिली तो उनकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा।
विज्ञापन


बेटे को डाक्टर बनने का रास्त साफ होते देख जोगेंद्र सिंह गदगद हैं। जोगेंद्र सिंह गांव-गांव में फेरी लगाकर कपड़े बेचकर अपने परिवार को पालन-पोषण करते हैं। विकास कुमार ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कोटा क्लासेस के गुरुजनों को दिया है। विकास का कहना है कि वह अपने पिता की मेहनत को जायर नहीं जाने देंगे। विकास ने हिंदी मीडियम से इंटर पास करने के बाद भी कड़ी मेहनत और लगन से यह नीट में सफलता प्राप्त है।      

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रांशुल राज चौधरी रहे शहर के टॉपर

Cbse Neet 2018 Result 2018 Hawkers son become Doctor success story
प्रांशुल राज

प्रांशुल राज चौधरी रहे शहर के टॉपर       

डीएवी के इंटर पास करने वाले प्रांशुल राज चौधरी ने नीट में 1938वीं रैंक प्राप्त कर शहर टॉप किया है। प्रांशुल के पिता पेश से जनरल फिजिशियन हैं। प्रांशुल ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और कोटा क्लासेस के गुरुजनों को दिया है। प्रांशुल चौधरी पिछले साल इंटर पास करने के बाद से ही नीट की तैयारियों में जुट गए थे।

प्रांशुल के पिता डा. प्रदीप चौधरी करीब 20 साल से चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जबकि प्रांशुल की माता संगीता चौधरी गृहणी है। कोटा क्लासेस के महानिदेशक रवि वर्मा ने बताया कि प्रांशुल ने नीट में 1938 वीं रैंक प्राप्त कर शहर टॉप किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed