दुल्हन को सजाकर अपना भविष्य संवार रही दीक्षा, CBSE 12th में पाए 91%
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुल्हन के हाथ-पैरों को मेहंदी के रंगों से सजाकर होनहार बेटी दीक्षा अपना भविष्य संवार रही है।
सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में 91 फीसदी अंक हासिल करने वाली बेटी पढ़ाई और घर का खर्च चलाने के लिए शादियों में मेहंदी लगाने का काम करती है। उनकी इस सफलता से पूरे परिवार का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।
मूलत: पिथौरागढ़ निवासी दीक्षा चंद का परिवार बालावाला में निवास करता है। मां रुक्मणी गृहणी हैं जबकि पिता कृष्ण कुमार चंद एक प्राइवेट संस्थान में नौकरी करते हैं। पिता की तनख्वाह इतनी कि घर का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता है।
खुद की पढ़ाई के लिए दुल्हन के हाथों पर मेहंदी लगाई
ऐसे में दीक्षा और बेटे को अंग्रेजी स्कूल में पढ़ाना खासा मुश्किल था। हालांकि दीक्षा की लगन को देखकर वह कोशिश करते लेकिन मन मसोस कर रह जाते।
ऐसे में होनहार बेटी ने खुद की पढ़ाई के लिए शादियों में दुल्हन के हाथों पर मेहंदी लगाने का काम शुरू किया। आस-पास मोहल्ले में होने वाली हर शादी और तीज-त्योहार पर वह महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाती, जिससे उसे खर्च चलाने लायक पैसे मिल जाते।
परिवार का सहारा बनी बेटी की पढ़ाई पर काम का असर नहीं पड़ा। एक के बाद एक वह सफलता के झंडे गाड़ते हुए आगे बढ़ती रही। सितंबर 2016 में हुई राष्ट्रीय स्तर की निबंध प्रतियोगिता में उसने प्रदेशभर में पहला स्थान हासिल किया और 51 हजार रुपये का नगद पुरस्कार जीता। हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट परीक्षा में भी बेटी की स्वर्णिम सफलता से पूरा परिवार बेहद खुश है।