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निजी कॉलेजों को संबद्धता और नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी देने में गड़बड़ी का मामला, सीबीआई करेगी पूछताछ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 14 Aug 2018 09:02 PM IST
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गढ़वाल विश्वविद्यालय
- फोटो : file photo
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निजी कॉलेजों को संबद्धता देने वाली एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय की समितियों के प्रोफेसरों से अब सीबीआई पूछताछ करेगी।
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सीबीआई यहां पूर्व कुलपति प्रो. जेएल कौल की जांच कर रही है। इस क्रम में ही सभी प्रोफेसरों को पूछताछ के लिए सीबीआई ने तलब किया है। ये वो प्रोफेसर हैं जिन्हें विवि ने देहरादून के विभिन्न निजी कॉलेजों के निरीक्षण के लिए तैनात किया था। इन्हें आगामी 21 अगस्त से सात सितंबर के बीच अलग-अलग तिथियों में सीबीआई कार्यालय देहरादून में उपस्थित होना है।
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गौरतलब है कि साल 2013 से 2017 के बीच गढ़वाल विवि श्रीनगर के संबद्ध निजी कॉलेजों में कई नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए थे। इसके लिए विवि ने कई प्रोफेसरों के माध्यम से निजी कॉलेजों और इंस्टीट्यूट का निरीक्षण कराया था। इस दौरान निरीक्षण और पाठ्यक्रमों को शुरू करने में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ियां पाई गईं थी। गत आठ अगस्त को सीबीआई ने नोटिस भेजकर कुलसचिव डॉ. एके झा को 21 अगस्त, सहायक कुलसचिव संजय ध्यानी को 23 अगस्त और ज्वाइंट रजिस्ट्रार एके मोहंती व पूर्व क्लर्क मायाराम नौटियाल को 24 अगस्त को कार्यालय में तलब किया है।
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मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक सीबीआई अनिल चंदोला कर रहे हैं। उन्होंने नोटिस में देहरादून के कॉलेजों को नए विषयों की संबद्धता देने वाले प्रोफेसरों को भी सीबीआई कार्यालय में उपस्थित होने के लिए तिथियां तय की हैं। इन प्रोफेसरों ने देहरादून सहित अन्य जिलों में तमाम निजी कॉलेजों का निरीक्षण करके इनमें नए विषयों की मान्यता की संस्तुति की थी। इन सभी प्रोफेसरों को 27 अगस्त से सात सितंबर के बीच उपस्थित होकर सीबीआई के सवालों के जवाब देने हैं। गौरतलब है कि इससे पूर्व सीबीआई की टीम दो दिन तक गढ़वाल विवि में जांच पड़ताल कर चुकी है। प्रो. कौल को अनियमितताओं की शिकायत सामने आने के बाद राष्ट्रपति एवं विवि के विजिटर रामनाथ कोविंद ने पद से हटा दिया था।