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ऐसा सुना कभी! पहले मार्कशीट-डिग्री दी, फिर कर दिया फेल

Wed, 26 Oct 2016 03:04 AM IST
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत/अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 26 Oct 2016 03:04 AM IST
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after marksheet degree issued student fail.
- फोटो : getty

क्या कभी सुना है कि आपको कोर्स पूरा करने के बाद प्रोविजनल डिग्री मिल जाए और फिर आपको पता चले कि आप फेल हैं और डिग्री वैध नहीं है। यह अनोखा मामला सामने आया है उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय में। विश्वविद्यालय की लापरवाही का शिकार हुआ बीटेक का यह छात्र अब अपना साल बचाने को दर-दर भटक रहा है।

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एक निजी इंस्टीट्यूट में पढ़ने वाले इस छात्र को विश्वविद्यालय ने 30 अगस्त 2016 को बीटेक फाइनल पास की मार्कशीट जारी की थी। इसमें उन्होंने 5000 में से 3048 अंक (सभी सेमेस्टर) हासिल किए हैं।
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फाइनल ईयर की मार्कशीट में चारों साल का स्कोर जोड़कर दिखाया जाता है। इस आधार पर छात्र ने विवि में प्रोविजनल डिग्री के लिए आवेदन किया।

विवि ने प्रोविजनल डिग्री भी की जारी

after marksheet degree issued student fail.

प्रोविजनल डिग्री लेने के लिए छात्र को अंतिम वर्ष की पासिंग कोर्स की मार्कशीट और आईकार्ड भी देना होता है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद विवि ने सितंबर में छात्र को प्रोविजनल डिग्री जारी कर दी।

छात्र अब अपनी डिग्री का इंतजार कर रहा था कि इस बीच उसे पता चला कि वह तो फेल है। दरअसल, तृतीय वर्ष के पांचवें सेमेस्टर में विवि ने छात्र को दो मार्कशीट जारी की हैं। पहली मार्कशीट में ‘स्ट्रक्चरल एनालिसिस 2’ विषय में छात्र को विवि ने 43 अंक दिए हैं।

यह मार्कशीट 27 जुलाई 2016 को जारी की गई है। इसके बाद दूसरी मार्कशीट विवि ने 30 अगस्त 2016 को जारी की, जिसमें छात्र के अंक 43 से घटाकर 8 कर दिए गए। इसी आधार पर विवि ने छात्र को फेल दिखाते हुए उसकी डिग्री रोक दी। विवि की परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली सवालों के घेरे में है।

विवि कह रहा जांच करने की बात

after marksheet degree issued student fail.
मार्कशीट और अंकों के वेरिफिकेशन की होगी जांच

कहीं विवि उस छात्र के साथ कोई और गड़बड़ी न कर दे, इसलिए छात्र के हित को देखते हुए उसका नाम प्रकाशित नहीं किया जा रहा है लेकिन छात्र के सभी डॉक्यूमेंट्स अमर उजाला के पास मौजूद हैं।

अगर इस तरह का मामला सामने आया है तो यह बेहद गंभीर है। जिस छात्र को प्रोविजनल डिग्री जारी हो चुकी हो, उसे फेल करने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। इसमें मार्कशीट और अंकों के वेरिफिकेशन को जांचा जाएगा। जांच की जाएगी और किसी भी छात्र का अहित नहीं होने दिया जाएगा।
-कुंवर सिंह बैंसला, परीक्षा नियंत्रक, तकनीकी विवि

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