गढ़वाल विवि छात्र महासंघ पर एबीवीपी का कब्जा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़वाल विश्वविद्यालय छात्र महासंघ पर एबीवीपी ने कब्जा जमाया है। अध्यक्ष सहित तीन पदों पर एबीवीपी के प्रत्याशियों ने विजय हासिल की है, जबकि महासचिव पद एनएसयूआई के खाते में गया है।
मंगलवार को गढ़वाल विवि के बिड़ला परिसर में छात्र महासंघ चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। छात्र महासंघ चुनाव के लिए गढ़वाल विवि से संबद्ध विभिन्न संस्थानों के 48 विवि प्रतिनिधियों ने मुख्य चुनाव कार्यालय में पंजीकरण कराया था, जिसमें से चार विवि प्रतिनिधियों को पूरे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने के कारण चुनाव कमेटी ने अयोग्य घोषित कर दिया था।
सुबह 10 बजे से शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया शाम पांच बजे तक चली। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. एसएस रावत ने चुनाव परिणामों की घोषणा की।
महासचिव पर एनएसयूआई के अश्विन जीते
अध्यक्ष पद पर अभाविप के गिरीश भट्ट (एसजीआरआर देहरादून) दो मतों से विजयी रहे। गिरीश भट्ट को 23 और उनके प्रतिद्वंद्वी लक्ष्मण बुटोला को 21 मत मिले। उपाध्यक्ष पद पर अभाविप की काजल थापा (डाकपत्थर) 6 मतों से विजयी रही। काजल थापा को 24 और दूसरे प्रत्याशी हितेष चौहान को 18 मत मिले।
महासचिव पद पर एनएसयूआई के अश्विन कुकरेती (कोटद्वार) चार मतों से विजयी रहे। अश्विन कुकरेती को 24 व दूसरे प्रत्याशी कविंद्र नेगी को 20 मत मिले। सचिव पद पर अभाविप के भगत सिंह (गोपेश्वर) 27 मतों से जीते। उन्हें 32 व ऋषभ को 5 मत मिले, जबकि इसी पद पर छह मत नोटा व एक अवैध घोषित किया गया।
कोषाध्यक्ष पद पर निर्दलीय पवन रावत (कर्णप्रयाग) विजयी रहे। पवन को 19, ज्योति को 16, कार्तिक गुप्ता को 9 वोट पड़े। कार्यकारिणी के छह सदस्यों के लिए किसी ने भी नामांकन नहीं कराया था। मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी निर्वाचित प्रत्याशियों को शपथ दिलाई।