सीए के रिजल्ट में देहरादून के दो युवाओं ने लहराया परचम, पढ़िए इनका सक्सेस मंत्रा और कीजिए फॉलो
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द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने बुधवार को चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षाओं का परिणाम जारी कर दिया। दून के कई युवाओं ने अंतिम चरण पार कर लिया है।
देर शाम तक सामने आए नतीजों में दून की सुप्रिया और सिद्धार्थ अंतिम परीक्षा पास कर चार्टर्ड अकाउंटेंट बन गए हैं। सीए फाउंडेशन ओल्ड कोर्स और सीए फाउंडेशन न्यू कोर्स का परिणाम भी जारी कर दिया है।
सुप्रिया ने पूरा किया पापा का सपना
चार्टर्ड अकाउंटेंट परीक्षा के सभी पड़ाव पार करने के बाद चार्टर्ड अकाउंटेंट बनी सुप्रिया चंडोक ने अपने पिता का सपना पूरा किया। सुप्रिया के पिता प्रवीन चंडोक बिजनेसमैन हैं। मां सुमन चंडोक गृहिणी हैं। सुप्रिया ने बताया कि उनके पिता का बचपन से यह सपना था कि वह सीए बनें। आज उनका सपना पूरा हुआ तो बेहद खुश हैं। सुप्रिया ने सेंट जोजेफ्स स्कूल से 90.8 प्रतिशत अंक के साथ 10वीं पास की।
उसके बाद 94.75 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं पास की। फिर उन्होंने डीएवी पीजी कॉलेज से बीकॉम किया। इससे पूर्व वर्ष 2013 में सुप्रिया ने सीए सीपीटी की परीक्षा पास की थी। अब उन्होंने ग्रुप 1 में 219 और ग्रुप 2 में 205 अंक हासिल किए हैं। सुप्रिया ने 12वीं में वाणिज्य के साथ गणित विषय की पढ़ाई की। उसके बाद दिल्ली विवि में अंग्रेजी ऑनर्स की पढ़ाई शुरू की थी। 12वीं के बाद मार्गदर्शन की कमी होने कारण वह संतुष्ट नहीं थी। इसलिए देहरादून लौट आई थी। फिर सीए की तैयारी की और परीक्षाएं पास की। उन्होंने दिल्ली और देहरादून में अलग-अलग केंद्रों से आर्टिकलशिप की। वह रोजाना चार से पांच घंटे पढ़ाई करती थीं।
बड़ी बहन से प्रेरणा लेकर सिद्धार्थ बने चार्टर्ड अकाउंटेंट
दून के रेसकोर्स निवासी सिद्धार्थ चड्ढा अपनी बड़ी बहन से प्रेरणा लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट बने। सिद्धार्थ के पिता इंद्रकुमार चड्ढा विंडलास ग्रुप में वाइस प्रेसीडेंट हैं। जबकि मां वर्षा चड्ढा विकासनगर में सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। सिद्धार्थ की बड़ी बहन सलोनी चड्ढा ने फाइनेंस में दो बार पीजी कोर्स किया है। वह बंगलुरु में जॉब कर रही हैं।
जबकि उनके जीजा अनुराग पांडेय भी एक बड़ी कंपनी में इन्वेस्टमेंट बैंकर हैं। सिद्धार्थ ने बताया कि उनकी बहन ही उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा है। सिद्धार्थ ने सेंट जोजेफ्स एकेडमी से 85 प्रतिशत अंक के साथ 12वीं कक्षा पास की। उसके बाद डीएवी से बीकॉम और इसके बाद इग्नू से एमकॉम किया। इसी दौरान उन्होंने सीए की परीक्षाओं की तैयारी शुरू की थीं। बताया कि परीक्षा के समय वह रोजाना 14-15 घंटे तक पढ़ाई करती थी। उन्होंने सीए अंतिम परीक्षा में ग्रुप 2 में 209 और ग्रुप 1 में 213 अंक हासिल किए हैं।