आयुर्वेदिक विवि के कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा को हटाया
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सरकार ने आखिरकार आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा. मृत्युंजय कुमार मिश्रा को हटाने का फैसला ले लिया है। मंगलवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मिश्रा को हटाने निर्देश शासन को दिए हैं।
प्रमुख सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को हटाने के आदेश संबंधित फाइल मुख्य सचिव कार्यालय से उनके कार्यालय में आई है, जिसपर बुधवार को कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मिश्रा की जगह आईएएस वी षणमुगम को चार्ज देने का निर्देश भी शासन को दिए हैं।
जुलाई माह में राजभवन ने मिश्रा की कुलसचिव पद पर वर्ष 2013 में हुई नियुक्ति प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए थे। राजभवन के पत्राचार पर मुख्य सचिव शत्रुघ्न ने प्रमुख सचिव आयुष ओमप्रकाश को प्रकरण की जांच करवाने के निर्देश दिए। जांच रिपोर्ट को आधार बना मुख्य सचिव ने सीएम को लगभग एक माह पहले फाइल भेज दी।
फाइल पर नहीं हो सके प्रमुख सचिव के हस्ताक्षर
सीएम हरीश रावत ने मंगलवार को मुख्य सचिव को रजिस्ट्रार मिश्रा को हटाने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने आदेश जारी करने के लिए फाइल प्रमुख सचिव आयुष ओमप्रकाश को भेज दी है। प्रमुख सचिव के मुताबिक किन्हीं कारणों से वे अपने कार्यालय नहीं जा सके, जिसके चलते कुलसचिव को हटाने की फाइल पर कल कार्रवाई होगी।
स्थानीय आयुक्त कार्यालय में जा सकते हैं मिश्रा
कुलसचिव पद से कार्यमुक्त होने के बाद मृत्युंजय मिश्रा की मूल विभाग उच्च शिक्षा में वापसी की संभावना कम है। उन्हें स्थानीय आयुक्त कार्यालय नई दिल्ली में अहम जिम्मेदारी मिल सकती है।
हालांकि राजभवन की ओर नियुक्ति को लेकर उठाए गए सवालों के बाद मृत्युंजय मिश्रा ने अगस्त माह में स्वेच्छा से पद छोड़ने के लिए शासन को पत्र भेजा था, लेकिन जांच प्रक्रियाधीन होने के चलते उसपर निर्णय नहीं लिया गया। सूत्रों की मानें तो स्थानीय आयुक्त कार्यालय में पहले भी सेवाएं दे चुके मिश्रा को एक बार फिर वहीं प्रतिनियुक्ति पर भेजा जा सकता है।