ज्योतिष महाकुंभ 2019: ज्योतिष को बढ़ावा देने के लिए शोध को बढ़ावा देने की जरूरत- डा. अजय भांबी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ 2019 के दूसरे और अंतिम दिन आज संवाद कार्यक्रम में ज्यातिषों ने अपने वक्तव्य रखे। इसके बाद शाम चार बजे आचार्य बालकृष्ण भी ज्योतिष महाकुंभ में पहुंचे। विशेष सत्र आयोजित किया जा रहा है।
ज्योतिष की तमाम विद्याओं से जुड़े विशेषज्ञों को चाहिए कि वह एक-दूसरे को आगे बढ़ाते हुए खुद को बेहतर बनाने का प्रयास करें। ज्योतिष महाकुुंभ के बहाने एक-दूसरे की विद्या सीखें और सिखाएं। इससे उनको अपनी विधा में महारत हासिल होगी और वह बेहतर अनुमान लगा सकेंगे। अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के दूसरे दिन भविष्य का अनुमान लगाने वाली विभिन्न विधाओं के विद्वानों ने परिचर्चा में यह विचार रखे।
बृहस्पतिवार को ग्राफिक एरा पर्वतीय विश्वविद्यालय में अमर उजाला-ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ के दूसरे व अंतिम दिन अलग-अलग सत्रों में ज्योतिष और उससे जुड़ी अन्य विधाओं के विद्वानों का संवाद आयोजित हुआ। विद्वानों ने अलग-अलग विषयों पर परिचर्चा की। ज्योतिष, वास्तु, ग्रह-नक्षत्रों की चाल समेत तमाम अन्य विषयों पर न केवल सवाल-जवाब हुए बल्कि एक सर्वमान्य राय बनाने और हल निकालने का प्रयास भी किया गया। उन्होंने ज्योतिष को नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने के लिए उसकी जड़ों को मजबूत करने की आवश्यकता जताई।
देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे विशेषज्ञों ने अपने-अपने विषय के संबंध में व्याख्यान भी दिए। साथ ही अन्य ज्योतिषियों और जिज्ञासुओं के प्रश्नों के जवाब भी दिए। सत्र की अध्यक्षता करते हुए केए दूबे पद्मेश ने कहा कि विज्ञान में नए शोध हुए और यह निरंतर आगे बढ़ता रहा लेकिन ज्योतिष में शोध नहीं हुए, जिसके कारण यह जहां का तहां ठहरा रह गया। पंडित लेखराज शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्योतिष का इतिहास सदियों पुराना है।
इसमें समय के साथ कई बदलाव आए। पंडित अजय भांबी ने कहा कि ज्योतिष को आगे बढ़ाने के लिए शोध को बढ़ावा देना आवश्यक है। व्याख्यान सत्रों का संचालन पीपीएस राणा और आचार्य सुमन ने संयुक्त रूप से किया। सत्र में डा. एचएस रावत, आचार्य संतोष खंडूरी, डा. सुनील पैन्यूली, गीतानंद सरस्वती, अवधेशानंद पांडेय, पंडित मनोज कुमार द्विवेदी, डा. अमित मिश्र शर्मा समेत अन्य ने भी विचार रखे।
अपराजिता सत्र आयोजित किया गया
सत्र ने पतंजलि योग पीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि ज्योतिष विद्या जीवन को सुखी बनाने का काम करती है। हमें ज्योतिष विद्या के संरक्षण के साथ ही आने वाली पीढ़ी को इसके प्रति
जागरूक करना होगा।
कार्यक्रम में आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को ज्योतिष विद्या का लाभ पहुंचाने के लिए इसका संरक्षण करना होगा। कार्यक्रम के दौरान ज्योतिषियों की मांग पर आचार्य बालकृष्ण ने घोषणा की कि ज्योतिषियों को मंच प्रदान करने के लिए जल्द ही पतंजलि में वैदिक ज्योतिष योगपीठ का आयोजन किया जाएगा।
इससे ज्योतिष में रुचि रखने वाले छात्रों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने अमर उजाला और ग्राफिक एरा ज्योतिष महाकुंभ की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने देशभर के ज्योतिषियों को एक मंच दिया है, जिसका हजारों लोगों ने लाभ उठाया है।
चुनिंदा ज्योतिषियों को सम्मानित किया जाएगा
महिला ज्योतिषियों के लिए आयोजित सत्र में उन्होंने विभिन्न विषयों पर विचार व्यक्त किए। महिला ज्योतिषियों ने कहा कि जीवन में सकारात्मक बनना बेहद आवश्यक है। नकारात्मकता का भाव कई बार जीवन पर हावी होता है। सकारात्मक होने और सकारात्मक दिशा में प्रयास करने से ही सफलता मिलती है। खराब समय में हतोत्साहित होने के बजाय सही समय का इंतजार करते हुए तैयारी करें। सत्र में शिवानी खेतान, मां त्रिशला, डॉ. वाई राखी, सुमन कोहली, डॉ. अंजू, नीलम शर्मा, नेहा भटनागर, जीतू सिंह, रेखा अरोड़ा, डॉ. ऋचा शुक्ला, मौली दूबे, निशा घई ने भी विचार व्यक्त किए।
कुंडली में मानव की हर जानकारी
कुंडली विशेषज्ञों ने कहा कि ज्योतिष के जरिये बच्चे के जन्म के समय ही उसके करियर के संबंध में सटीक जानकारी दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि ग्रह, नक्षत्र, काल, देश की गणना के आधार पर यहजाना जा सकता है कि व्यक्ति आगे जाकर किस क्षेत्र में काम करेगा। इनके माध्यम से कई अन्य जानकारियां भी दी जा सकती हैं। सत्र में डॉ. कुमार गणेश, डॉ. पंडित सीताराम त्रिपाठी, डॉ. नितिन शर्मा,नीरज अरोड़ा, सुशील कुमार सिंह, पंडित निरंजन भट्ट, राजेश बहुगुणा, पंडित अशोक दीक्षित, डॉ. रजनीश सूद, डॉ. ललित मोहन जोशी आदि शामिल रहे।
रोगों के निदान में भी ज्योतिष प्रभावी
अशुभ ग्रहों के प्रभाव से मानव शरीर में रोग होते हैं। रोग की प्रकृति, रोग के निर्माण व उनकी गंभीरता के आधार पर उसकी मुक्ति का प्रयास ज्योतिष शोध सार में है। यह विषय नया है जिसमें बहुत अधिकशोध की आवश्यकता है। विद्वानों ने कहा कि रोगों के निदान में भी ज्योतिष प्रभावी है। सत्र को नीलम शर्मा, डॉ. नीता, दीपा शर्मा, डॉ. रिया शुक्ला, जश्मी जोशी, प्रवीना माथुर, ज्योतिश शर्मा, अमृत पाल ने संबोधित किया।