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वन निगम अफसरों को सता रहा करोड़ों रुपए कीमत की लकड़ी बर्बाद होने का डर
Wed, 25 Mar 2020 11:35 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Wed, 25 Mar 2020 11:35 AM IST
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जहां एक तरफ देश दुनिया में खतरनाक कोरोनावायरस का खौफ से चढ़कर बोल रहा है, वहीं उत्तराखंड वन विकास निगम के आला अफसरों को जंगलों में काट कर रखी गई करोड़ों रुपए कीमत की लकड़ियों की चिंता सता रही है।
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आला अफसरों को इस बात का डर सता रहा है कि यदि पहले से ही काट कर रखी गई लकड़ियों को जंगलों से बाहर नहीं किया गया तो गर्मियों के दौरान होने वाली वनाग्नि की घटनाओं में यह लकड़ियां जलकर राख हो सकती हैं। प्रबंध निदेशक ने सभी महाप्रबंधको,क्षेत्रीय प्रबंधकों व प्रभागीय प्रबंधकों को पत्र लिखकर कहा है कि वे अपने-अपने स्तर पर जिलाधिकारी से विशेष अनुमति लेकर लकड़ियों को जंगलों से निकाल का गोदामों तक जल्द से जल्द लाएं।
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प्रबंध निदेशक मोनीष मल्लिक ने बताया कि कोरोना वायरस के चलते जंगलों से लकड़ियों की ढुलाई का काम पूरी तरह ठप हो गया है ।जबकि जंगलों में करोड़ों रुपए की लकड़ियां पड़ी हुई हैं । इसी बीच वनाग्नि सीजन की भी शुरुआत हो चुकी है ।
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यदि वनाग्नि की घटनाएं होती हैं तो जंगलों के साथ ही इन बेशकीमती लकड़िया भी स्वाहा हो जाएंगी। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि पहले से ही काट कर रखी रखी गई लकड़ियों को तत्काल जंगलों से निकालकर गोदामों तक लाया जा।ए इस संबंध में सभी महाप्रबंधक को क्षेत्रीय प्रबंधकों व प्रसादी बंद प्रबंधकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं अरविंद सिंह की रिपोर्ट