वार्षिक रिपोर्ट में खुलासा: 90 फीसदी बच्चे चार वर्ष की आयु में ले रहे स्कूलों में दाखिला
- शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट 2020 जारी, देहरादून जिले के 56 गांवों में हुआ सैंपल सर्वे
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उत्तराखंड में शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट (एनुअल स्टेट्स ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट-2020) के मुताबिक देहरादून जिले में 90 प्रतिशत बच्चे चार साल की आयु में स्कूलों में दाखिला ले रहे हैं। लेकिन बच्चों को प्रवेश दिलाने में अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की तुलना में सरकारी स्कूलों के प्रति बेहद कम है। जिससे यह माना जा सकता है कि सरकारी स्कूलों की शिक्षा का स्तर बेहतर नहीं है।
शिक्षा की वार्षिक स्थिति रिपोर्ट में देहरादून जिले के 56 गांवों के 985 परिवारों का सर्वे किया गया। जिसमें 4 से 8 साल के आयु वर्ग के बच्चों का शिक्षा स्तर परखा गया। सर्वे में स्कूली शिक्षा की स्थिति और बुनियादी शिक्षा के स्तर पर सर्वे किया गया। इसमें स्कूल जाने वाले 4 से 8 साल आयु वर्ग के बच्चों में पढ़ने की स्थिति, स्कूल की सुविधाएं, शारीरिक और खेल सुविधा, शिक्षक व छात्र की उपस्थित को देखा गया।
आंगनबाड़ी में पढ़ने वाले 31 प्रतिशत बच्चे अंक पहेलियों को सुलझाने में सफल हुए। जबकि पांच साल के 45 प्रतिशत बच्चे ही इसमें सफल रहे। रिपोर्ट के अनुसार छह साल के 32 प्रतिशत बच्चे आंगनबाड़ी और प्री-प्राइमरी में पढ़ रहे हैं। जबकि 46 प्रतिशत कक्षा एक और 18 प्रतिशत कक्षा दो में पढ़ रहे हैं।
अधिकांश बच्चे प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश ले रहे
देहरादून जिले में 4 से 8 आयु वर्ग के अधिकांश बच्चे प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश ले रहे हैं। जबकि सरकारी स्कूलों की तरफ अभिभावकों का रुझान कम ही है। सरकारी स्कूल छह वर्ष से कम आयु के बच्चों को भी पहली कक्षा में दाखिला दे रहे हैं। जबकि प्राइवेट स्कूलों में 15 प्रतिशत बच्चों को छह वर्ष से पहले कक्षा एक में एडमिशन दिया गया।
रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु
- वार्षिक रिपोर्ट में देहरादून जिले के 56 गांवों के 985 परिवारों का सर्वे।
- सर्वे में 4 से 8 वर्ष की आयु के 1252 बच्चों को शामिल किया गया।
- 90 प्रतिशत बच्चों का सरकारी और निजी स्कूलों में पंजीकरण कराया।
- पंजीकरण में 4 साल के बच्चों में 95.3 प्रतिशत और 8 साल के 100 प्रतिशत बढ़े।
- सरकारी स्कूलों की तुलना में निजी स्कूलों में ज्यादा प्रवेश ले रहे हैं बच्चे।