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60 हजार बीएड पास बेरोजगारों का शिक्षक बनने का सपना टूटा

Mon, 28 Mar 2016 10:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 28 Mar 2016 10:02 PM IST
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60 thousands B.Ed pass can't be teacher.
टीचर - फोटो : Amar Ujala
प्रदेश में तीन दिन बाद 60 हजार से अधिक बीएड पास प्रशिक्षित बेरोजगारों का बेसिक स्कूलों में शिक्षक बनने का सपना हमेशा के लिए धरा रह जाएगा। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइड लाइन के अनुसार 31 मार्च 2016 के बाद बेसिक स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अब डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) अनिवार्य होगा।  
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शिक्षा विभाग की ओर से बेसिक शिक्षकों के पदों पर नियुक्ति के लिए विभाग की ओर से 1164 शिक्षकों की चयनित सूची जारी की गई। जो बीएड बेरोजगार इसमें चयन से छूट गए वे 31 मार्च 2016 के बाद बेसिक स्कूलों में नियुक्ति नहीं पा सकेंगे।
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एनसीटीई ने जारी की है गाइड लाइन 
प्रदेश में इस तरह के इक्का दुक्का नहीं बल्कि 60 हजार बेरोजगार हैं। एनसीटीई की गाइड लाइन के मुताबिक बेसिक में शिक्षक बनने के लिए अब डीएलएड को अनिवार्य किया गया है। पूर्व में इसके लिए 31 मार्च 2014 तक की तिथि रखी गई थी, लेकिन प्रदेश सरकार के अनुरोध के बाद इसे बढ़ाकर 31 मार्च 2016 किया गया। 
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महासंघ का है कहना
प्रदेश में 30 हजार बीएड टीईटी पास सहित कुल 60 हजार से अधिक बीएड प्रशिक्षित बेरोजगार हैं, यदि एनसीटीई ने 31 मार्च 2016 की तिथि को न बढ़ाया तो हजारों बीएड बेरोजगार बेसिक में शिक्षक नहीं बन पाएंगे।
-बलदेव भंडारी, पूर्व संयोजक बीएड टीईटी पास प्रशिक्षित महासंघ
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