{"_id":"5c8571d1bdec2214696155e9","slug":"11552249297-dehradun-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएवी पीजी कॉलेज के 33 तदर्थ शिक्षकों के नियमितिकरण पर तलवार लटकी","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
डीएवी पीजी कॉलेज के 33 तदर्थ शिक्षकों के नियमितिकरण पर तलवार लटकी
Mon, 11 Mar 2019 01:51 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 11 Mar 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएवी पीजी कॉलेज के 33 तदर्थ शिक्षकों के नियमितिकरण पर तलवार लटक गई है। शासन ने सभी शिक्षकों की नियुक्ति को नियम विरुद्ध मानते हुए 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है। यह बात अलग है कि शासन ने ही वर्ष 2017 में इन शिक्षकों के नियमितिकरण का आदेश जारी किया गया था।
विज्ञापन
डीएवी में 33 शिक्षकों के नियमितिकरण के मामले में सूचना आयोग में एक अपील दायर की गई थी। सूचना आयोग ने इस पर जो निर्देश दिए, उसके बाद शासन ने इन शिक्षकों के नियमितिकरण की जांच पड़ताल की। अपर मुख्य सचिव डॉ. रणबीर सिंह के मुताबिक, नियमितिकरण की तिथि तक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की शैक्षिक अर्हता इन्होंने पूर्ण नहीं की गई। महाविद्यालय के प्रबंधतंत्र ने भी पद सृजित किए बिना नियुक्ति प्रदान कर दी। जबकि निर्धारित शैक्षिक योग्यता में विवि अनुदान आयोग की पूर्व सहमति से कोई भी छूट प्रदान नहीं की गई है।
विज्ञापन
उच्चतर शिक्षा आयोग अधिनियम 1980 की धारा-31(ग) में अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत तदर्थ शिक्षकों के नियमितिकरण की व्यवस्था थी। लेकिन, 30 जून 2003 को इस अधिनियम को ही निरस्त कर दिया गया था और उत्तरांचल अधिनियम 2003 लागू किया गया। इसमें तदर्थ शिक्षकों के नियमितिकरण की कोई व्यवस्था ही नहीं है। लिहाजा, शासन ने माना है कि 23 अक्तूबर 2017 को लागू हुए शासनादेश के तहत तदर्थ शिक्षकों का नियमितिकरण, नियम विरुद्ध है। सभी शिक्षकों से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। यह भी ताकीद की है कि यदि जवाब नहीं दिया गया तो मान लिया जाएगा कि उन्हें इस संबंध में कुछ भी नहीं कहना है। उसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विज्ञापन
इन शिक्षकों को जारी हुए नोटिस
डॉ. सत्यव्रत त्यागी, डॉ. शिखा सक्सेना, वाणिकांत पंकज, डॉ. विनीत विष्णोई, अनिल कुमार, प्रदीप कुमार जोशी, गंभीर सिंह चौहान, सुमन लता पांडेय, गोपाल क्षेत्री, मनमोहन सिंह जस्सल, विनोद कुमार गुप्ता, हिमांशु श्रीवास्तव, मनोज कुमार जादौन, सुमन त्रिपाठी, रश्मि धर, सौरभ शर्मा, अखिलेश चंद बाजपेयी, राजेश सिंह रावत, अल्पना निगम, रचना दीक्षित, सविता चौनियाल, मृदुला सेंगर, जीवन प्रकाश मेहता, उर्मिला रावत, जयवीर सिंह रौथान, सुंदर सिंह, आरके पाठक, झरना बनर्जी, राखी उपाध्याय, रमेश कुमार शर्मा, अतुल सिंह, आलोक श्रीवास्तव।
केवल एक नियमितिकरण हुआ
डीएवी कॉलेज में हाईकोर्ट के आदेश पर गणित की तदर्थ शिक्षिका रश्मिता शर्मा का नियमितिकरण किया गया था। इसमें यह भी प्रतिबंध लगाया गया था कि यह दूसरे मामलों के लिए नजीर बिल्कुल नहीं माना जाएगा।