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अब बारिश के नाम से भी कांप जाती है रुह
प्रमोद सेमवाल/विजय मैंदुली
Updated Sat, 29 Jun 2013 01:13 PM IST
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हे रक्षपाल बिनसर महादेव हमारी रक्षा करो, रक्षा करो। नंदाकिनी और चुफलागाड़ के किनारे बसे घाट बाजार, नागबगड़ और कुमार तोली के ग्रामीण थोड़ी सी बारिश होने पर बिनसर महादेव के मंदिर में प्रार्थना करने पहुंच रहे हैं।
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नंदाकिनी हुई डायवर्ट
नंदाकिनी नदी नागबगड़ मोहल्ले की ओर डायवर्ट हो गई है। जिससे ग्रामीण खौफ में जी रहे हैं। बिनसर पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से 13 ग्रामीणों के मकानों में मलबा घुस गया है। घाट में हो रही थोड़ी बारिश से भी ग्रामीणों की रूह कांप रही है। लेकिन अफसोस नंदप्रयाग से घाट तक सड़क मार्ग ठीक होने के बावजूद प्रशासन की ओर से राहत नहीं पहुंची है।
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उत्तराखंड आपदा की विशेष कवरेज
प्रशासन का कोई नुर्माइंदा भी क्षेत्र में ग्रामीणों की खैर-खबर लेने नहीं पहुंचा है। 18 जून को चमोली के एसडीएम अवधेश कुमार सिंह घाट बाजार पहुंचे, और उन्होंने ग्रामीणों को आवासीय भवन खाली करने के निर्देश दिए, लेकिन ग्रामीण कहां रात काटेंगे इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
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स्थानीय निवासी विजय प्रसाद देवराड़ी, सोहन सिंह बिष्ट, ख्याली राम, चंद्रमणि, इंद्रमणि, घनानंद, पुरुषोत्तम, गोर्वधन प्रसाद, हीरामणि, सुजान सिंह कठैत, प्रताप सयाना, भरत कठैत और मोहन सिंह के आवासीय भवन और दुकानें जमींदोज हो गई हैं।
मुख्य बाजार के ठीक ऊपर घाट मोटर मार्ग भी तबाह हो गया है।
पैदा हो गया है खतरा
सड़क पर टनों मलबा आ गया है, जिससे बाजार को खतरा पैदा हो गया है। जिस चट्टान से भूस्खलन हो रहा है, वहां से मात्र दो सौ मीटर की दूरी पर बिनसर महादेव का भव्य मंदिर है। ग्रामीण बिनसर महादेव से भूस्खलन रोकने की प्रार्थना कर रहे हैं।
स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह राणा और प्रकाश मैंदुली का कहना है कि प्रशासन से ग्रामीणों का विश्वास उठ गया है। अब भगवान भोलेनाथ पर ग्रामीणों की आस टिकी है।