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हिंदी में फैसले पर हस्ताक्षर अभियान
Dehradun
Updated Thu, 08 Aug 2013 05:35 AM IST
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देहरादून। नैनीताल हाईकोर्ट में अदालती कार्यवाही और फैसले हिंदी में जारी करने के लिए चल रही उत्तराखंड के पहले एडिशनल एडवोकेट जनरल चंद्रशेखर उपाध्याय और अमर उजाला की मुहिम रंग लाने लगी है। बुधवार को मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर मुहिम के लिए समर्थन मांगा।
बुधवार को डिस्पेंसरी रोड बाजार के गारमेंट्स व्यवसायी नईम अहमद के नेतृत्व में इकबाल अंसारी, सुहेल खान, फैसल, लियाकत, नदीम अहमद, मुजीब अहमद, मुबीन, महताब अली, इरशाम अहमद आदि ने दुकानों-घरों में जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया। नईम अहमद ने कहा कि 90 प्रतिशत से ज्यादा न्यायालयों में वाद हिंदीभाषियों के होते हैं। ऐसे में फैसला हिंदी में आए तो लोग इसे आसानी से समझ सकेंगे। इस दौरान सैलून संचालक अब्बास अहमद सलमानी, आफताब सलमानी, अयाज सलमानी, सुहेब, नवाब खान, आकिब, नौशाद आदि ने हस्ताक्षर किए।
बता दें कि लंबे समय से चंद्रशेखर उपाध्याय हाईकोर्ट के फैसले हिंदी में दिए जाने पर संघर्ष कर रहे हैं। इस बाबत वह चार अगस्त को नैनीताल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक पत्र भी भेज चुके हैं, जिसमें हिंदी दिवस पर हिंदी में फैसलों की शुरुआत की गुहार लगाई गई है।
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बुधवार को डिस्पेंसरी रोड बाजार के गारमेंट्स व्यवसायी नईम अहमद के नेतृत्व में इकबाल अंसारी, सुहेल खान, फैसल, लियाकत, नदीम अहमद, मुजीब अहमद, मुबीन, महताब अली, इरशाम अहमद आदि ने दुकानों-घरों में जाकर हस्ताक्षर अभियान चलाया। नईम अहमद ने कहा कि 90 प्रतिशत से ज्यादा न्यायालयों में वाद हिंदीभाषियों के होते हैं। ऐसे में फैसला हिंदी में आए तो लोग इसे आसानी से समझ सकेंगे। इस दौरान सैलून संचालक अब्बास अहमद सलमानी, आफताब सलमानी, अयाज सलमानी, सुहेब, नवाब खान, आकिब, नौशाद आदि ने हस्ताक्षर किए।
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बता दें कि लंबे समय से चंद्रशेखर उपाध्याय हाईकोर्ट के फैसले हिंदी में दिए जाने पर संघर्ष कर रहे हैं। इस बाबत वह चार अगस्त को नैनीताल हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को एक पत्र भी भेज चुके हैं, जिसमें हिंदी दिवस पर हिंदी में फैसलों की शुरुआत की गुहार लगाई गई है।
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