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फर्जी आईडी जांच के लिए इंटरपोल की मदद
Dehradun
Updated Tue, 11 Sep 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। पिछले माह मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में एक प्रशिक्षु आईएएस की आईडी हैक कर उससे अकादमी की वेबसाइट पर आपत्तिजनक तथ्य डालने के मामले में पुलिस इंटरपोल की मदद ले रही है। याहू में बनी जिस मेल आईडी से मेल की गई थी, उसे जांच के लिए याहू के यूएसए स्थित मुख्यालय भेजा गया है। जबकि एकेडमी से जब्त लैपटाप और कंप्यूटर जांच के लिए फारेंसिक लैब भेजे गए हैं।
पुलिस सूत्राें के अनुसार, एकेडमी की साइट पर जिस मेल आईडी के जरिए आपत्तिजनक तथ्य डाले गए हैं, वह एक प्रशिक्षु आईएएस के नाम पर बनाई गई है। प्रशिक्षु ने आईडी हैक करने का आरोप लगाया है। जबकि साइबर एक्सपर्ट यह मान रहे हैं कि उसी नाम से दूसरी आईडी बनाई गई हो सकती है। आईडी की वास्तविकता जानने के लिए आईडी इंटरपोल के माध्यम से यूएसए स्थित याहू मुख्यालय को भेजी गई है। ताकि इस बात का पता चल सके कि आखिर आईडी हैक की गई है या दोबारा बनाई गई है। इसके साथ ही जिस सिस्टम से मेल किया गया, उसका भी पता लगाया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में एक आइपैड के चोरी होने का भी मामला है, जिसका अभी तक पता नहीं चला है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर कैंट अव्वल सिंह रावत का कहना है कि मामला काफी पेचीदा है और तकनीकी जांच के बाद ही कुछ सामने आ पाएगा।
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पुलिस सूत्राें के अनुसार, एकेडमी की साइट पर जिस मेल आईडी के जरिए आपत्तिजनक तथ्य डाले गए हैं, वह एक प्रशिक्षु आईएएस के नाम पर बनाई गई है। प्रशिक्षु ने आईडी हैक करने का आरोप लगाया है। जबकि साइबर एक्सपर्ट यह मान रहे हैं कि उसी नाम से दूसरी आईडी बनाई गई हो सकती है। आईडी की वास्तविकता जानने के लिए आईडी इंटरपोल के माध्यम से यूएसए स्थित याहू मुख्यालय को भेजी गई है। ताकि इस बात का पता चल सके कि आखिर आईडी हैक की गई है या दोबारा बनाई गई है। इसके साथ ही जिस सिस्टम से मेल किया गया, उसका भी पता लगाया जा रहा है। इस पूरे प्रकरण में एक आइपैड के चोरी होने का भी मामला है, जिसका अभी तक पता नहीं चला है। मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर कैंट अव्वल सिंह रावत का कहना है कि मामला काफी पेचीदा है और तकनीकी जांच के बाद ही कुछ सामने आ पाएगा।
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