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सी से ए ग्रेड तक लाने के लिए मिला राष्ट्रपति शिक्षक पुरस्कार
Dehradun
Updated Wed, 29 Aug 2012 12:00 PM IST
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देहरादून। शिक्षक अगर ठान ले तो स्कूल ही नहीं समाज की भी दशा और दिशा बदल सकता है। यह कहना है प्राथमिक विद्यालय डूंगा, ब्लॉक सहसपुर की प्रधानाध्यापिका कुसुमलता कुकरेती का। उन्हें इस वर्ष के राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड के लिए चयनित किया गया है। अब पांच सितंबर शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति उन्हें प्रमाण पत्र, सिल्वर मेडल और 25 हजार रुपये देकर सम्मानित करेंगे। उन्हें यह पुरस्कार उनके शैक्षिक और सामाजिक योगदान के लिए दिया जा रहा है।
प्रधानाध्यापिका कुसुमलता ने आठ वर्ष पूर्व जब प्राथमिक विद्यालय डूंगा में प्रधानाध्यापिका के रूप में कार्यभार संभाला तो स्कूल का ग्रेड सी था। बकौल कुसुमलता, ‘उसी दिन मैंने ठान लिया था कि स्कूल को ए ग्रेड तक ले जाऊंगी। मुझे खुशी है कि मैं ऐसा कर सकी।’ कुसुमलता ने अपनी गली-मोहल्ले के कई बच्चों का दाखिला नजदीकी प्राइमरी स्कूल में कराया है। साथ ही वह हर माह अपने वेतन का कुछ अंश गरीब स्कूली बच्चों के लिए स्टेशनरी और जरूरत की दूसरी चीजों के लिए खर्च करती हैं।
24 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रही कुसुमलता ने अपना यह अवार्ड अपने शिक्षक पिता राम सरन पोखरियाल और बड़े भाई भगवती प्रसाद पोखरियाल को समर्पित किया। उनकी बड़ी बहन सरस्वती लखेड़ा को भी पिछले वर्ष यह पुरस्कार मिला था, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने इस वर्ष आवेदन किया। अपनी उपलब्धि में उन्होंने पति एसपी कुकरेती और दो बेटों अंकुर और अंकित का भी योगदान बताया।
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प्रधानाध्यापिका कुसुमलता ने आठ वर्ष पूर्व जब प्राथमिक विद्यालय डूंगा में प्रधानाध्यापिका के रूप में कार्यभार संभाला तो स्कूल का ग्रेड सी था। बकौल कुसुमलता, ‘उसी दिन मैंने ठान लिया था कि स्कूल को ए ग्रेड तक ले जाऊंगी। मुझे खुशी है कि मैं ऐसा कर सकी।’ कुसुमलता ने अपनी गली-मोहल्ले के कई बच्चों का दाखिला नजदीकी प्राइमरी स्कूल में कराया है। साथ ही वह हर माह अपने वेतन का कुछ अंश गरीब स्कूली बच्चों के लिए स्टेशनरी और जरूरत की दूसरी चीजों के लिए खर्च करती हैं।
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24 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रही कुसुमलता ने अपना यह अवार्ड अपने शिक्षक पिता राम सरन पोखरियाल और बड़े भाई भगवती प्रसाद पोखरियाल को समर्पित किया। उनकी बड़ी बहन सरस्वती लखेड़ा को भी पिछले वर्ष यह पुरस्कार मिला था, जिससे प्रभावित होकर उन्होंने इस वर्ष आवेदन किया। अपनी उपलब्धि में उन्होंने पति एसपी कुकरेती और दो बेटों अंकुर और अंकित का भी योगदान बताया।
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