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देश में डेटा की खपत तो बढ़ी लेकिन इंटरनेट से जुड़ने वाले लोगों की संख्या क्या बताती है?
Wed, 31 Jul 2019 09:04 PM IST
Prabudhh Jain
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Prabudhh Jain
Updated Wed, 31 Jul 2019 09:04 PM IST
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इंटरनेट यूजर वृद्धि दर में कमी (ग्राफिक्स- रोहित झा)
- फोटो : Amar Ujala
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देश में इंटरनेट डेटा की खपत तो तेजी से बढ़ती दिख रही है लेकिन ऑनलाइन दुनिया में चहलकदमी करने वाले भारतीयों की रफ्तार सुस्त पड़ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2018-19 में देश में इंटरनेट यूजर की वृद्धि दर 8 फीसदी से भी कम रह सकती है। इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया इस बाबत रिपोर्ट जारी करता है।
साल 2016-17 में इंटरनेट से जुड़ने वाले भारतीयों की वृद्धि दर 12 फीसदी थी। वहीं अगले साल यानी 2017-18 में घटकर 8 फीसदी रह गई। इस साल ये 8 फीसदी से भी नीचे रहने का अनुमान है। हालांकि, अंतिम आंकड़े अगस्त के मध्य तक आने की उम्मीद है।
ई कॉमर्स की भी रफ्तार धीमी
भारत में इस समय 50 करोड़ से ज्यादा लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल सिर्फ 12 करोड़ लोग ही करते हैं। वहीं, गूगल-एटी कीर्नि की रिपोर्ट कहती है कि 2020 तक 17.5 करोड़ तक लोग देश में ऑनलाइन शॉपिंग का इस्तेमाल करने लगेंगे। 2020 तक जितने लोग इंटरनेट पर होंगे उसे देखते हुए करीब 18 करोड़ का ये आंकड़ा कोई बहुत उत्साह जगाने वाला मालूम नहीं होता।
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धीमी रफ्तार की क्या है वजह?
दरअसल, इसका कोई एक कारण नहीं है। डिजिटल पेमेंट को लेकर बीते कुछ समय में जागरूकता तो बढ़ी है लेकिन फर्जीवाड़े के बढ़ते मामले भी लोगों को हाथ पीछे खींचने को मजबूर करते हैं। अगर ऐसे मामलों पर लगाम लग सके तो नए लोगों को इससे हिचक नहीं होगी। दूसरी वजह भाषा की मुश्किल भी है। एक बड़ी आबादी अंग्रेजी का इस्तेमाल नहीं करती और इंटरनेट पर अंग्रेजी कई बार आड़े आ जाती है। हालांकि, कई प्लेटफॉर्म इस भाषाई खाई को पाटने में लगे हैं और आने वाले दिनों में तकनीक की मदद से इस पर जीत हासिल होना मुमकिन दिखता है। फीचर फोन से स्मार्टफोन की तरफ मुड़ने की दर बढ़ने के साथ भी इंटरनेट यूजर की रफ्तार में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
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साल 2016-17 में इंटरनेट से जुड़ने वाले भारतीयों की वृद्धि दर 12 फीसदी थी। वहीं अगले साल यानी 2017-18 में घटकर 8 फीसदी रह गई। इस साल ये 8 फीसदी से भी नीचे रहने का अनुमान है। हालांकि, अंतिम आंकड़े अगस्त के मध्य तक आने की उम्मीद है।
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ई कॉमर्स की भी रफ्तार धीमी
भारत में इस समय 50 करोड़ से ज्यादा लोग इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल सिर्फ 12 करोड़ लोग ही करते हैं। वहीं, गूगल-एटी कीर्नि की रिपोर्ट कहती है कि 2020 तक 17.5 करोड़ तक लोग देश में ऑनलाइन शॉपिंग का इस्तेमाल करने लगेंगे। 2020 तक जितने लोग इंटरनेट पर होंगे उसे देखते हुए करीब 18 करोड़ का ये आंकड़ा कोई बहुत उत्साह जगाने वाला मालूम नहीं होता।
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धीमी रफ्तार की क्या है वजह?
दरअसल, इसका कोई एक कारण नहीं है। डिजिटल पेमेंट को लेकर बीते कुछ समय में जागरूकता तो बढ़ी है लेकिन फर्जीवाड़े के बढ़ते मामले भी लोगों को हाथ पीछे खींचने को मजबूर करते हैं। अगर ऐसे मामलों पर लगाम लग सके तो नए लोगों को इससे हिचक नहीं होगी। दूसरी वजह भाषा की मुश्किल भी है। एक बड़ी आबादी अंग्रेजी का इस्तेमाल नहीं करती और इंटरनेट पर अंग्रेजी कई बार आड़े आ जाती है। हालांकि, कई प्लेटफॉर्म इस भाषाई खाई को पाटने में लगे हैं और आने वाले दिनों में तकनीक की मदद से इस पर जीत हासिल होना मुमकिन दिखता है। फीचर फोन से स्मार्टफोन की तरफ मुड़ने की दर बढ़ने के साथ भी इंटरनेट यूजर की रफ्तार में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।