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Hindi News ›   Data Stories ›   International Tiger Day: Indias Tigers population rises to five year high to reach 2967

बाघों में बहार है: देश में बाघों की संख्या तीन हजार के पास पहुंची, आंकड़ों से समझिए इसके मायने

Mon, 29 Jul 2019 06:23 PM IST
Prabudhh Jain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prabudhh Jain Updated Mon, 29 Jul 2019 06:23 PM IST
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International Tiger Day: Indias Tigers population rises to five year high to reach 2967
भा्रत में बाघों की संख्या 2967 हुई (ग्राफिक्स- रोहित झा) - फोटो : Amar Ujala
साल 2007। वो साल जब अचानक बाघों की संख्या को लेकर बहस शुरू हुई। खबर वाकई डराने वाली थी। देश भर में सिर्फ 1411 बाघ बचे थे। वो बाघ जो अगर न रहे तो शायद इंसान का वजूद भी इस धरती से खत्म हो जाए। जो पारिस्थिकी तंत्र की सबसे अहम कड़ियों में से एक हैं। 
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लेकिन आज अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय बाघ अनुमान रिपोर्ट 2018 जारी की तो 'बाघों में कुछ बहार' जरूर आ गई। देश में अब बाघों की संख्या 2967 हो गई है। पीएम मोदी ने कहा कि 3,000 बाघों के साथ भारत इनके लिए विश्व के सबसे सुरक्षित स्थानों में से एक है।
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2014 के मुकाबले देश में बाघों की संख्या में 741 का इजाफा हुआ है। 2006 में भारत में 1411 बाघ थे। 2010 में ये संख्या बढ़कर 1706 हो गई। 2014 की गणना में ये आंकड़ा 2226 बाघ पर जा पहुंचा। और आज जारी हुई ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश में 2967 बाघ मौजूद हैं।
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2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में बाघों को लेकर एक शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहीं तय हुआ कि भारत 2022 तक देश में बाघों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य हासिल करेगा। लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि इस लक्ष्य को समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है। 


(ग्राफिक्स- रोहित झा)
रिपोर्ट के मुताबिक बाघों के लिए संरक्षित क्षेत्रों की संख्या में भी खासा इजाफा देखने को मिला है। 2014 के 692 मुकाबले ये संख्या अब बढ़कर 860 हो गई है। साथ ही सामुदायिक अभयारण्यों का आंकड़ा भी 43 से बढ़कर 100 के पार चला गया है। बीते पांच सालों में बाघों के संरक्षण अभियानों में तेजी दिखाई दी है। 


ये आंकड़े उम्मीद जगाते हैं कि अपने राष्ट्रीय पशु को बचाकर 'बाघों में बहार' बरकरार रहेगी और पर्यावरण संतुलन के साथ मानव अस्तित्व भी बचा रह सकेगा।
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