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दिल्ली सरकार ने जो बिजली सस्ती की है उससे आपकी सालाना बचत कितनी होगी? आंकड़ों से समझिए

Sat, 03 Aug 2019 06:50 PM IST
प्रबुद्ध Kumar Jain न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रबुद्ध Kumar Jain Updated Sat, 03 Aug 2019 06:50 PM IST
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Delhi govt Arvind Kejriwal electricity subsidy upto 200 unit free how will you benefit
बिजली बिल कम होगा तो कैसे बचेगा पैसा (ग्राफिक्स-रोहित झा) - फोटो : अमर उजाला

वो सितबंर-अक्तूबर का महीना रहा होगा। साल था 2012। जनलोकपाल की बयार, दिल्ली में जमकर बह रही थी। पतले दुबले अरविंद केजरीवाल, आधे बाजू की ढीली ढाली कमीज पहने हुए मोहल्लों में जाते, सीढ़ी पर चढ़ते और झट से लोगों का कटा हुआ बिजली कनेक्शन जोड़ देते। उनकी कई तस्वीरें उस दौर में चर्चित हुईं और आज भी याद की जाती हैं। इसे बिजली-पानी सत्याग्रह का नाम दिया गया। यानी केजरीवाल ने आह्वान किया कि बढ़े हुए बिजली बिल देने की कोई जरूरत नहीं है। राजधानी में सरकार थी कांग्रेस की और मुख्यमंत्री थीं शीला दीक्षित। 

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कार्यकर्ता केजरीवाल से मुख्यमंत्री केजरीवाल और बिजली का हाल
2012 में अरविंद केजरीवाल सिर्फ सामाजिक कार्यकर्ता थे। आज वो दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। चुनाव बस गली के उस मोड़ पर हैं जहां से हर पलक झपकने के साथ वो नजदीक आते जा रहे हैं। बिजली का बिल तब उन्हें सत्ता तक पहुंचाने वाली कई कड़ियों में से एक था। उम्मीद इस बार भी बिजली बिल को हथियार बनाकर दोबारा सत्ता पाने की रही होगी। शायद इसीलिए चुनावी मीटर चालू होते ही बिल का करंट कम करने की ठान चुके हैं।

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साल में कितने पैसे बच जाएंगे?

अगर आप 200 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करते हैं तो आपका बिल आएगा जीरो। दिल्ली सरकार के एलान के मुताबिक 200 यूनिट तक आपको एक रुपया नहीं देना। यानी सीधे-सीधे 622 रुपये की बचत हर महीने और सालाना देखें तो पूरे 7464 रुपये। वहीं अगर आप करीब 250 यूनिट इस्तेमाल करते हैं तो साल के बजट में खर्च करने को 6540 रुपये और मिल जाएंगे। जैसे-जैसे बिजली की खपत बढ़ेगी, सालाना बचत सिमटती जाएगी। लेकिन सब होगा दो किलोवॉट के लोड पर।


(ग्राफिक्स- रोहित झा)

दांव काम आएगा?
कहते हैं ये पब्लिक है सब जानती है। और दिल्ली की तो कुछ ज्यादा ही जानती है। यहां प्याज पर सरकारें गिर चुकी हैं तो सिर्फ उम्मीद पर नई सरकारें बन चुकी हैं। ऐसे में अकेला बिजली बिल तभी बचा पाएगा जब जनता बाकी सब चीजों से भी खुश होगी। वरना करंट लगते देर नहीं लगेगी।

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