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दहेज हत्या में पति, सास-ससुर को 10-10 साल की सजा, जुुर्माना
बदायूं, ब्यूरो
Updated Thu, 16 Feb 2017 11:56 PM IST
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अपर सत्र न्यायाधीश षष्टम किरनबाला ने दहेज हत्या के आरोपी पति और सास-ससुर को 10-10 साल की कैद सहित 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
घटना थाना कादरचौक के गांव जुगुपुरा में 20 मई 2015 को हुई थी। थाना उसावां के गांव गौतरा निवासी वादी मुकदमा सत्यपाल राठौर पुत्र रामेश्वर ने 31 मई 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने अपनी पुत्री ऊषा की शादी जुगुपुरा निवासी अर्जुन पुत्र सूरजपाल के साथ की थी और अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था। ससुराल वाले दहेज को लेकर उसकी पुत्री को अक्सर प्रताड़ित करते थे और 50 हजार रुपये की मांग करते थे। ससुर सूरजपाल ने ऊषा के पिता को खबर दी कि उसकी पुत्री व दामाद घर से लापता हैं। 26 मई को आरोपी पति बरेली में मिल गया। जबकि उसकी पत्नी नहीं मिली। पूछने पर विवाहिता के पिता को गुमराह करता रहा। जिससे पिता सत्यपाल को उसकी पुत्री के मारे जाने का शक हुआ। विवेचना के दौरान आरोपी अर्जुन की निशानदेही पर ऊषा का शव बरामद कर लिया गया। विद्वान न्यायाधीश किरनबाला ने पत्रावली का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपी पति अर्जुन, ससुर सूरजपाल और सास सावित्री देवी को दोषी पाते हुए 10-10 साल की कैद सहित 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
घटना थाना कादरचौक के गांव जुगुपुरा में 20 मई 2015 को हुई थी। थाना उसावां के गांव गौतरा निवासी वादी मुकदमा सत्यपाल राठौर पुत्र रामेश्वर ने 31 मई 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसने अपनी पुत्री ऊषा की शादी जुगुपुरा निवासी अर्जुन पुत्र सूरजपाल के साथ की थी और अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया था। ससुराल वाले दहेज को लेकर उसकी पुत्री को अक्सर प्रताड़ित करते थे और 50 हजार रुपये की मांग करते थे। ससुर सूरजपाल ने ऊषा के पिता को खबर दी कि उसकी पुत्री व दामाद घर से लापता हैं। 26 मई को आरोपी पति बरेली में मिल गया। जबकि उसकी पत्नी नहीं मिली। पूछने पर विवाहिता के पिता को गुमराह करता रहा। जिससे पिता सत्यपाल को उसकी पुत्री के मारे जाने का शक हुआ। विवेचना के दौरान आरोपी अर्जुन की निशानदेही पर ऊषा का शव बरामद कर लिया गया। विद्वान न्यायाधीश किरनबाला ने पत्रावली का अवलोकन किया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी अनिल सिंह राठौर और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद आरोपी पति अर्जुन, ससुर सूरजपाल और सास सावित्री देवी को दोषी पाते हुए 10-10 साल की कैद सहित 22-22 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
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